मुजफ्फरनगर। दक्षिणी खालापार के मजदूर अरशद का लाड़ला बेटा जकी नौ दिन बाद घर लौटा तो खुशियों की ईद मन गई। बेटे की तलाश में पिता ने दिन-रात एक कर रखे थे।
शुक्रवार दोपहर को अरशद के मोबाइल पर आई कॉल से परिवार सहम गया। अपहरणकर्ता ने धमकी दी थी, इसके बावजूद परिवार ने हिम्मत दिखाई। कॉल करते ही अपहरणकर्ता की लोकेशन ट्रेस हुई और वह पुलिस के जाल में फंसता चला गया। देर रात जैसे ही मुठभेड़ के बाद जकी खेत में धार्मिक स्थल से बरामद हुआ, तो पिता ने दौड़कर उसे गले लगा लिया। पिता की आंखे छलक उठी। जकी सहमा हुआ था। देर रात अरशद अपने लाड़ले को लेकर घर पहुंचा, तो यहां पर खुशियां छा गई। आस पड़ोस के लोग पहुंच गए। मां शबिया, भाई दानिश, अयान, बहन अदीबा, लायबा,वजीहा बेहद खुश है।
पुलिस टीम को मिलेगा इनाम
मुजफ्फरनगर। एसएसपी अभिषेक यादव ने बच्चे को सकुशल बरामद करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। सीओ सिटी कुलदीप सिंह और शहर कोतवाली प्रभारी आनंद देव मिश्रा समेत अन्य पुलिसकर्मियों को इनाम मिलेगा।
अपहरण और कुकर्म में जा चुका जेल
मेरठ के लक्खीपुरा निवासी आरोपी आस मोहम्मद पहले भी जेल जा चुका है। मेरठ से एक बच्चे के अपहरण और कुकर्म में जेल गया था।
इस तरह किया गया था अपहरण
बच्चे को बहला-फुसलाकर अपहरण के बाद आरोपी अरशद पहले मीनाक्षी चौक, फिर टैंपू से सुजडू चुंगी और वहलना चौक पहुंचा। वहलना चौक, मंसूरपुर, खतौली से बस बदलकर मेरठ पहुंचा। मेरठ में अपने ठिकाने पर रखा और अगले दिन दिल्ली स्थित होटल में लेकर चला गया। जकी ने बार-बार घर जाने की बात कही तो आरोपी उसे बहलाता रहा। कभी नए कपड़े दिलाए तो कभी खाने का सामान दिलाता रहा। बार-बार ठिकाने बदलने और जकी के घर जाने की जिद से वह परेशान हो गया था। एक लाख रुपये की फिरौती के लिए कॉल की और बच्चे को लेकर वापस मुजफ्फरनगर पहुंचते ही पुलिस के जाल में फंस गया।