मुजफ्फरनगर। श्री राम कथा के छठे दिन कथा व्यास संत विजय कौशल जी महाराज ने कहा कि अयोध्या कांड की आठ पंक्तियां मनुष्य याद कर ले तो उसे जीवन में किसी तरह का कष्ट नहीं सहना पड़ेगा। धन आए या ना आए लेकिन दरिद्रता जरूर चली जाएगी। क्योंकि जहां नित्य प्रति ठाकुर जी की सेवा होती है वहां उत्सव जैसा माहौल होता है।
अयोध्या कांड का प्रसंग श्रद्धालुओं के बीच रखते हुए मानस मर्मज्ञ संत विजय कौशल महाराज ने कहा कि भगवान के अवध में आने के बाद गलियों में लड्डू लुढ़कने लगें। दिन रात सुखों की घनघोर वर्षा होने लगी। पुण्य के मेघ बरसने लगे। रिद्धी सिद्धी की नदियों में बाढ़ आ गई। विधाता ने इतना वैभव बरसा दिया कि शब्द से उसका वर्णन ही नहीं किया जा सकता है। सबसे ठाट बाट तो भगवान के मुखचंद्र के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। भगवान को इस बात से थोड़ी चिंता हो गई। अयोध्यावासियों की ये खुशी कामचंद्र की ओर न ले जाए।
विजय कौशल महाराज ने कहा कि दशरथ कोई सामान्य मनुष्य नहीं हैं। सद्गुणों के महासागर हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य के पास जब पैसा बढ़ाता है, तो सबसे पहले भगवान को छोड़ देता है। बस टाइम नहीं कटता व टाइम नहीं मिलता का बहना बनाता है। टीवी देखने व अखबार पढ़ने की फुर्सत उन्हें मिलती है। उन्होंने कहा कि आप सब बस एक प्रश्न मन से करो कि भगवान के प्रति कितना आदर है। विजय कौशल महाराज ने कहा कि बच्चे जब बाल बच्चेदार हो जाएं तो माता पिता को दखल की बजाए सलाहकार की भूमिका निभानी चाहिए। बड़ा वह है, जो छोटों को बड़प्पन का एहसास कराये। कल यानी आज कथा प्रात: दस बजे से शुरू होगी। फूलचंद कंसल, अनिल कंसल, भीम कंसल, गीता रानी, नीलम कंसल, अंजना कंसल, पुनीत, नवीन, गौरव, अंकित कंसल के साथ-साथ पूर्व चेयरमैन राजेश्वर बंसल, अनिल तायल, रघुराज गर्ग, राकेश बिंदल, सतीश गोयल, सुरेंद्र अग्रवाल, विजेंद्र अग्रवाल, रानू आदि रहे।
भोपा रोड पर आयोजित राम कथा में झूमते श्रद्धालु।- फोटो : MUZAFFARNAGAR