डिस्टलरी सहित लिए कई स्थानों से पानी के नमूने लिए
मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर)। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने सोमवार को मंसूरपुर चीनी मिल और सरशादीलाल डिस्टलरी में पहुंचकर कई स्थानों से पानी के नमूने लिए। जांच के बाद इनकी रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी जाएगी। इसके बाद आगे कार्रवाई होगी।
मंसूरपुर निवासी विकास, विशाल बोपाड़ा और संजीव आदि ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल से शिकायत कर मंसूरपुर चीनी मिल और सरशादीलाल डिस्टलरी द्वारा क्षेत्र में वायु व जल प्रदूषित करने का आरोप लगाया था। इस पर एनजीटी की टीम ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को चीनी मिल व डिस्टलरी के पानी के नमूने लेकर उनकी जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। इसके अनुपालन में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने कुछ समय पूर्व चीनी मिल व डिस्टलरी पहुंचकर पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए थे। वहीं, सोमवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम दिल्ली से कमलेश सिंह के नेतृत्व में मंसूरपुर चीनी मिल व सरशादीलाल डिस्टलरी पहुंचीं। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थानीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि केंद्रीय टीम ने मंसूरपुर शुगर मिल के अंदर से, सरशादी लाल डिस्टलरी के अंदर से, एसटीपी प्लांट से, बाहर कुआं व हैंडपंप से, चारों ओर बस्ती से जा रहे नाले से और गांव बोपाड़ा के पास काली नदी से पानी के सेंपल लिए हैं। केंद्रीय टीम अब इन नमूनों की दिल्ली में जांच कराकर इसकी रिपोर्ट एनजीटी को देगी, जिसके बाद आगे कार्रवाई की जाएगी। मामले में मंसूरपुर डिस्टलरी के प्रशासनिक प्रबंधक सुनील जैन का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम रूटीन जांच के लिए आई थी। फैक्टरी द्वारा प्रदूषण रोकने के लिए सभी जरूरी उपकरण लगाए हुए हैं।
पेपर मिल में किया निरीक्षण
मुजफ्फरनगर। शहर से सटे गांव पीनना निवासी समाजसेवी सुमित मलिक ने कुछ समय पूर्व शहर के भोपा रोड स्थित एक पेपर मिल में पॉलिथीन को ईंधन के रूप में जलाए जाने की शिकायत की थी। आरोप है कि पॉलिथीन को जलाने से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वायु प्रदूषण फैल रहा है। शिकायत के मद्देनजर सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह उक्त पेपर मिल में पहुंचे और वहां ईंधन स्टॉक का निरीक्षण किया। सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच रिपोर्ट डीएम को सौंपने की बात कही।