पुरकाजी के खादर क्षेत्र में खेतों में पानी भरने से खराब हुइ धान की फसल।
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रामराज। पहाड़ी क्षेत्रों में कई दिन हुई लगातार भारी बारिश के कारण गंगा किनारे के कई गांव के जंगल व गांव में गंगा का पानी पहुचने से खादर क्षेत्र में किसानों को बाढ़ की आशंका सताने लगी थी। गंगा का जलस्तर घटने से किसानों ने राहत की सांस ली है
पहाड़ी क्षेत्रों में कई दिनों तक लगातार हुई बारिश के कारण गंगा बैराज का जलस्तर चेतावनी बिंदु से ऊपर होकर खतरे के निशान पर पहुंच गया था। गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण गंगा किनारे के लगभग एक दर्जन गांव के जंगल सहित ग्रामीणों के घरों तक में गंगा का पानी पहुंच गया था। जिस कारण ग्रामीणों व किसानों को बाढ़ की आशंका सताने लगी थी। बाढ़ की आशंका के चलते प्रशासन भी अलर्ट हो गया था।
शुक्रवार को गंगा का जलस्तर घटकर चेतावनी बिंदु 219 के समीप 219.40 पर पहुंच गया है। शुक्रवार की शाम 4 बजे हरिद्वार गंगा बैराज से बिजनौर गंगा बैराज में 73345 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो देर रात तक गंगा बैराज पर पहुंचेगा। गंगा का जलस्तर घटने पर किसानों ने भी राहत की सांस ली है। जंगल में भी गंगा का पानी घटने लगा है। लेकिन अभी भी ग्रामीणों के सामने पशुओं के चारे का संकट बना हुआ है