खतौली के मोहल्ला नई आबादी निवासी वसीम शेख का शव डेढ़ माह बाद कब्र से निकाला गया, जहां उसे 21 अक्तूबर को लोनी क्षेत्र में शव मिलने के बाद दफनाया गया था। शुक्रवार को एसडीएम निकिता शर्मा, तहसीलदार अरविंद कुमार, सीओ और पुलिस बल की मौजूदगी में कब्र की खुदाई कर शव को बाहर निकाला गया। शव को फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
हत्या के शक में परिजनों की मांग पर उत्खनन
मृतक के परिवार ने वसीम की पत्नी सोनिया, सास रहीसा और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर हत्या करने का संदेह जताते हुए पहले ही रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मृतक की मां सईदा और भाइयों ने प्रशासन से शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग उठाई थी। इसी आधार पर डीएम उमेश मिश्रा ने शव निकालने के आदेश जारी किए, जिसके तहत तहसीलदार को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।
छह माह पहले पत्नी संग लोनी शिफ्ट हुए थे वसीम, झगड़ों का इतिहास भी आया सामने
वसीम शेख मौत से करीब छह माह पहले अपनी पत्नी सोनिया के साथ गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र स्थित अंकुर विहार में रहने चला गया था। परिजनों के अनुसार, दम्पती के बीच लंबे समय से मनमुटाव और झगड़े चलते आ रहे थे। मौत से कुछ समय पहले वसीम ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल किया था जिसमें उसने ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उसी वीडियो और लगातार विवादों के आधार पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी मौत की सच्चाई
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वसीम शेख की मौत कैसे हुई। फिलहाल पुलिस परिवार के आरोपों और लोनी क्षेत्र में मिले शव की परिस्थितियों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।