खतौली में किसानों की भूमि का मुआवजा तय न होने से आक्रोशित भाकियू कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को रेलवे के इंजीनियर और अकाउंटेंट को बंधक बना लिया। भाकियू जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों का मुआवजा तय नहीं किया गया तो रेलवे ट्रैक को उखाड़कर फेंक दिया जाएगा।
रेलवे विभाग ने मेरठ से लेकर टपरी तक डेडिकेटिड फ्रेड कोरिडोर के लिए डबल लाइन निकालने के लिए जनपद के किसानों की करीब 11 हजार मीटर भूमि का अधिग्रहण किया था, लेकिन इसका मुआवजा तय नहीं किया गया।
जिसको लेकर किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों ने 25 मई को गांव भैंसी के सामने चल रहे रेलवे दोहरीकरण के कार्य को ठप कर दिया था। किसानों की मांग थी कि जब तक मुआवजा तय नहीं होता, तब तक कार्य ठप रखा जाएगा। उस समय अधिकारियों ने शीघ्र ही मुआवजा तय करने का आश्वासन दिया था।
बृहस्पतिवार को भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में कार्यकर्ता सफेदा रोड स्थित रेलवे के कार्यशाला प्लांट पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने इंजीनियर अनूप और अकाउंटेंट पंकज कुमार को बंधक बनाया लिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि उनको पता चला है कि रेलवे अधिकारियों ने बिना किसानों से पूछताछ किए तीन गांवों के किसानों का मुआवजा तय कर दिया है।
जिसको किसान स्वीकार नहीं कर रहे हैं। जो भी मुआवजा तय होगा गांवों में किसानों के बीच ही तय होगा। उन्होंने कहा कि मुआवजा तय होने से पहले किसी भी सूरत में दोहरीकरण का कार्य नहीं होने दिया जाएगा। अगर विभाग ने हठधर्मिता दिखाई तो रेलवे ट्रैक को उखाड़ कर ट्रेनों का संचालन ठप कर दिया जाएगा। इस दौरान मनोज सहरावत, मंतवीर, मंगल सिंह, सोनू, अमरपाल, जगबीर, विजय प्रधान, सतेंद्र, मांगेराम, योगेंद्र, राजपाल आदि कार्यकर्ता शामिल रहे।