मुजफ्फरनगर। बर्न यूनिट की स्थापना के डेढ़ दशक से अधिक का समय बीतने के बावजूद जिला चिकित्सालय में एक भी प्लास्टिक सर्जन की तैनाती नहीं हो पाई। नतीजतन बनाए गए आइसोलेशन वार्ड खंडहर में तब्दील हो रहे हैं। मरीजों के उपचार की व्यवस्था न होने के कारण उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
आग में झुलसे मरीजों की उपचार की कोई व्यवस्था जिला चिकित्सालय में उपलब्ध नहीं है। करीब एक दशक पहले प्लास्टिक सर्जरी में विशेषज्ञ डॉ. अनु भूषण को जिला अस्पताल में संविदा पर लिया गया था। लेकिन ओपीडी में कुछ माह परामर्श देने के बाद उन्होंने निजी अस्पताल पर समय देना ही उचित समझा।
जिला अस्पताल में हार्ट यूनिट के पीछे डेढ़ दशक पूर्व बर्न यूनिट की स्थापना की गई थी। सर्जरी रूम सहित आइसोलेशन वार्ड भी बनाए गए थे। लेकिन शासन की ओर से प्लास्टिक सर्जन सहित आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती नहीं हो सकी। बर्न यूनिट में निष्प्रोज्य सामान भर गेट पर ताला लगाया गया है।