इन प्रधानों ने रखे विचार
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप पुंडीर, जिलाध्यक्ष अशोक राठी, रविन्द्र प्रधान, उस्मान, शुएब अहमद, प्रीति चौधरी, जहीर अहमद, सतेन्द्र बालियान, राहुल भौराकलां, मनोज कुमार, सुभानी चित्तौडा, मोनू भराहेडी, बबलू खेडी गनी, शिवेंद्र कुमार, संजय त्यागी, आदित्य चंगेज खां ने विचार रखें। ग्राम सचिव पंकज कुमार, अनुरोध सिंह, रविंद्र नागर, हरीश चन्द्र, उमेश कुमार, विनय त्यागी, पवन कुमार, आलोक कुमार, सुरजीत सिंह, निसार अहमद, अवधेश पुंडीर और मोहन कुमार ने संबोधित किया।
मायके गई बहू भी ला रहे प्रधान : चौधरी
हैदरपुर जलालपुर की ग्राम प्रधान प्रीति चौधरी ने कहा कि प्रधानी करना आसान नहीं रह गया है। प्रधानों को अपनी फसल का पैसा भी लोगों के कामकाज के लिए खर्च करना पड़ता है। यहां तक की रूठकर मायके गई बहुओं को लिवाने के लिए बिना वजह के बिचौलिये ग्राम प्रधान बने हुए हैं। ऐसे में गाड़ी, चाय नाश्ता और रूठी बहू का लाना पड़ रहा है। लोगों का मान मनौव्वल करने सहित अन्य खर्च भी प्रधानों के जिम्मे है।
बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्य तिथि मनाई
ग्राम प्रधानों ने धरना शुरू करने से पहले धरना स्थल पर ही मेज लगाकर किसानों के मसीहा स्वर्गीय चौ. महेन्द्र सिंह टिकैत की 13वीं पुण्यतिथि मनाई और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए किसान हित में किये गये उनके योगदान और बलिदान को याद किया।
प्रधानों ने धरने पर ये मांगें भी रखीं
- चरथावल के प्रधानों पर दर्ज किए मुकदमे स्पंज किए जाएं।
- राज्यवित्त का चार प्रतिशत गोशाला पूल धनराशि को बंद किया जाए।
- आरआरसी निर्माण कार्य की वित्तीय एवं तकनीकी स्वीकृति दिलाई जाए।
- लीचपीट निर्माण में अनावश्यक दबाव न बनाया जाए।
- आरटीआई में अनावश्यक दबाव नहीं बनाया जाए।
- आरआरसी में मैनपावर का भुगतान।
- मनरेगा में पक्के निर्माण कार्य में अनावश्यक दबाव खत्म हो
- दो वित्तीय वर्ष से रुका भुगतान कराया जाए।
- छुट्टा पशु पकड़वाने व अंत्येष्टि का बजट दिलाने की मांग।
- ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना से इतर कोई अन्य कार्य नहीं कराया जाए।
- जन शिकायत एप पर प्राप्त शिकायतों की सुनवाई बंद कराई जाए।
- भूसादान और बिजली बिल जमा कराने पर दबाव नहीं बनाया जाए।