मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने एक वर्ष पहले महायोजना 2031 के तहत लैंड बैंक बनाने के लिए शहर से सटी 12 हेक्टेयर जमीन को चिन्हित किया था लेकिन जमीन के मालिकों ने जमीन देने से इंकार कर दिया है। एक साल की कवायद के बाद प्राधिकरण का लैंड बैंक फिर से खाली नजर आ रहा है। एमडीए ने फिर से उपयुक्त जमीन तलाशना शुरू कर दिया है।
मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण शहर में नियोजित विकास का प्रयास कर रहा है। इसी उद्देश्य से शहर में ले आउट के माध्यम से निजी काॅलोनियां बसाए जाने के साथ ही मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत आवासीय योजनाओं का खाका खींचा जा रहा है। महायोजना 2031 के तहत भी प्राधिकरण का लैंड बैंक बनाने का प्रयास चल रहा है। महायोजना 2031 के तहत आवासीय योजनाओं के लिए लैंड बैंक बनाने को गांव रुकनपुर और पीनना में 12 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की थी। आवासीय भू उपयोग के लिए चिन्हित की गई उक्त भूमि पर आवासीय योजना विकसित किए जाने का प्रस्ताव 12 मार्च 2024 को आयोजित प्राधिकरण की 53वीं बोर्ड बैठक में रखा गया था। इस जमीन पर आवास बनाने की योजना थी।
भू-स्वामियों ने किया चिन्हित जमीन देने से इंकार
महायोजना 2031 के तहत आवासीय योजनाओं के लिए लैंड बैंक बनाने को चिन्हित भूमि के स्वामियों ने किसी भी सूरत में एमडीए को देने से इंकार कर दिया है। जिसके बाद एमडीए की ओर से अन्य भूमि की तलाश शुरू हो गई है।
नई भूमि तलाश कर शुरू होगी प्रक्रिया: आदित्य प्रजापति
एमडीए सचिव आदित्य प्रजापति का कहना है कि प्राधिकरण ने आवासीय योजनाओं के लिए शहर से सटे इलाके में नई भूमि की तलाश शुरू कर दी है। नई भूमि तलाश कर उसे लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।