संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। कोरोना वायरस के नए वेरिएंट पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने अलर्ट जारी किया है। जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग सतर्क हो गया है। हालांकि जिले में 332 दिनों से एक भी कोरोना संक्रमित मरीज सामने नहीं आया है। ऑक्सीजन प्लांट और बेड की व्यवस्था पर्याप्त है। ओपीडी में मास्क की अनिवार्यता शुरू कर दी गई है।
जिला चिकित्सालय में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट जेएन-1 को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। मरीजों को लगातार मास्क पहनकर बाहर निलकने के लिए जागरूक किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि कोरोना को लेकर विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। मरीजों को मास्क पहनकर ही ओपीडी में प्रवेश दिया जा रहा है। इसके अलावा शुरुआती स्थिति के लिए बेड भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। जिला महिला चिकित्सालय में भी कोरोना के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है। इसमें बेड और ऑक्सीजन की पूरी सुविधा है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पातल पुरुष में 1000 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट है। कुल 175 बेड हैं। इनमें से 106 बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा है। इसके अलावा 43 छोटे और 20 बड़े कुल 63 ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं। 63 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की सुविधा है, जो पूरी तरह से सही है और चल भी है।
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जिले में पांच जगह ऑक्सीजन प्लांट
जिले में चार सरकारी और एक प्राइवेट अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट है। जिला चिकित्सालय पुरुष में 1000, जिला महिला अस्पताल में 500, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुढ़ाना में 333, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खतौली में 500 और मेडिकल कॉलेज बेगराजपुर में 1132 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाले तीन ऑक्सीजन प्लांट मौजूद हैं। इसके अलावा पूरे जिले में 760 सरकारी ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध हैं।
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23 जनवरी को मिला था आखिरी केस
जिले में 23 जनवरी 2023 को ही कोरोना संक्रमित का आखिरी केस मिला था। इसके बाद से अब तक कोई भी कोरोना की चपेट में नहीं आया है। अब तक जिले में 37 हजार 615 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं। छह लाख 29 हजार 692 लोगों की आरटीपीसीआर, छह लाख 25 हजार 424 एंटीजन और 2244 लोगों की ट्रू नेट जांच कराई गई है। कोरोना से संक्रमित 277 लोगों की मौत भी हुई है।
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बेहद खतरनाक है कोरोना का नया वेरिएंट
कोरोना वायरस का नया वेरिएंट जेएन-01 बेहद खतरनाक है। यह सिंगापुर में अपनी दस्तक देने के बाद केरल तक पहुंच चुका है। हाल ही में एक मरीज गाजियाबाद में भी मिला है। यह वेरिएंट संक्रमित मरीज के लंग्स में जाकर निमोनिया कर रहा है। इसके मरीजों को पेट दर्द, भूख ना लगना, मांसपेशियों में दर्द की शिकायत पाई जा रही है।