पीड़ित पक्ष का पंचों का आदेश मानने से इंकार
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। बच्चों के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट का मामला तूल पकड़ गया। इस मसले के हल को लेकर बुलाई गई बिरादरी की पंचायत में पंचों ने आरोपियों को पैर पकड़कर माफी मांगने का फरमान जारी किया। आरोपी पक्ष ने माफी मांगना तो स्वीकार किया, लेकिन पैर पकड़ने से इंकार कर दिया। इससे समस्या का हल नहीं निकल सका। इस घटना से आहत पीड़ित पक्ष ने कहा कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो वे गांव छोड़ देंगे।
कोतवाली क्षेत्र के गांव चंधेड़ी में राजबीर और सोहनवीर परिवार के बच्चों की साइकिल आपस में टकरा गई। मामला इतना बढ़ गया कि बच्चों के विवाद में बड़े भिड़ गए। आरोप है कि राजबीर पक्ष के युवाओं ने सोहनवीर पक्ष की महिला और एक युवक के साथ मारपीट की। दोनों पक्षों के बीच फैसला करवाने व आरोपियों को उनकी गलती मनवाने को लेकर शनिवार को सुबह बिरादरी के जिम्मेदार लोगों की पंचायत हुई। पंचायत में पांच जिम्मेदार लोगों को दोनों पक्षों के बीच फैसला करवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। पंचों ने विचार-विमर्श के बाद फैसला दिया कि मारपीट करने वाले पीड़ित पक्ष के लोगों से पैर पकड़कर माफी मांगेंगे। पंचों के फरमान को सुनकर आरोपी पक्ष ने कहा कि उन्हें माफी मांगना तो स्वीकार है, लेकिन पैर पकड़कर माफी मांगना स्वीकार नहीं है। गांव के पूर्व प्रधान पुरुषोत्तम का कहना है कि गांव के कुछ लोग छोटी घटना को बड़ा रूप देने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित पक्ष का कहा कि घटना की रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज करवाई जाएगी। पुलिस के कार्रवाई न करने पर पीड़ित पक्ष ने गांव छोड़कर चले जाने की भी धमकी दी। मीटिंग में रमेश कश्यप, सुरेश कश्यप और राजबीर कश्यप सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। पुलिस क्षेत्राधिकारी गिरजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि ऐसी कोई घटना उनके संज्ञान में नहीं है। तहरीर आने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।