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चेयरपर्सन ने पकड़ा डीजल में गडबड़झाला

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मुजफ्फरनगर। नगरपालिका में डीजल खरीद को लेकर उठापटक शुरू हो गई है। पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल ने वाहनों को रोजाना दिए जाने वाले डीजल में एक लीटर की कटौती कर दी है। आपूर्ति को पालिकाध्यक्ष ने अधिक माना और ईओ को पत्र लिखा। ईओ हेमराज का कहना है कि जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है।
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पालिका में प्रतिदिन कूड़ा निस्तारण के लिए लगे वाहनों, जेसीबी मशीन, लोडर और अन्य वाहनों के संचालन के लिए डीजल दिया जाता है। इसके लिए पालिका प्रशासन के द्वारा मेरठ रोड पर सेंट्रल बैंक के सामने स्थित हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कंपनी के पेट्रोल पम्प यूनाइटेड ऑटोमोबाइल्स से अनुबंध किया है। प्रतिदिन सुबह कूड़ा निस्तारण के लिए पालिका के करीब 55 वाहनों को डीजल दिलवाया जाता है। इनमें 25 गारबेज टिपर वाहन, चार जेसीबी मशीन, तीन रोबोट मशीन, दो लोडर, छह ट्रैक्टर, छह डम्फर और अन्य वाहन शामिल हैं। इन वाहनों को दिए जाने वाले डीजल में एक लीटर की कटौती कर दी गई है।
अधिशासी अधिकारी हेमराज ने बताया कि पालिकाध्यक्ष का पत्र उन्हें भी मिला है। डीजल के खर्च की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है।
रोजाना खरीदा जा रहा 50 हजार का डीजल
डीजल की पर्ची की देखरेख का जिम्मा पालिका के जोनल सेनेट्री ऑफिसर राजीव कुमार का है। उनके निर्देशन में ही वाहनों को डीजल की आपूर्ति पेट्रोल पंप के कर्मचारियों द्वारा की जाती है। इसके लिए पालिका द्वारा एक निर्धारित कंप्यूटराइज्ड पर्ची को टोकन के रूप में प्रयोग किया जाता है। प्रतिदिन 50 हजार का डीजल खरीदा जाता है।
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डुप्लीकेट पर्ची से वितरण पर जताई थी नाराजगी
पालिकाध्यक्ष अंजू अग्रवाल ने कई दिन पहले पेट्रोल पंप का निरीक्षण किया। यहां पर उन्होंने डीजल लेने के आये वाहन चालकों से भी बातचीत की। पंप के मैनेजर को बुलाकर इस बात पर आपत्ति जताई की डुप्लीकेट पर्ची के माध्यम से डीजल दिया जा रहा था। उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए पेट्रोल पंप बदलने के साथ ही कार्यवाही की चेतावनी दी थी
किस वाहन को कितना डीजल
पालिका से एक जेसीबी मशीन के लिए सात लीटर प्रति घंटा, रोबोट मशीन को छह लीटर प्रति घंटा, डंफर को छह लीटर प्रति चक्कर, ट्रैक्टर को पांच लीटर प्रति चक्कर के हिसाब से डीजल दिया जाता है।
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