भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को विदेशी मुस्लिम अच्छा लगता है। अपने देश का मुस्लिम अच्छा नहीं लगता। जिस तरह की भाषा बोली जा रही है। देश के 24 करोड़ लोग देश छोड़ कर जा सकते हैं। ऐसी बातों से दंगे फसाद बढ़ेंगे और देश पीछे की ओर जाएगा। अगर हिंदू राष्ट्र बनाना है तो विदेश में रह रहे हिंदुओं को देश में बुलाना पड़ेगा।
मुजफ्फरनगर के खतौली में एक कार्यक्रम में शामिल होने आए राकेश टिकैत ने पत्रकारों से बातचीत की। संभल की घटना के बारे में कहा कि देश के राजा की क्या नीति है। पूरा देश उसी पर चलता है। हम गरीब किसान, मजदूर आदिवासियों की लड़ाई लड़ रहे हैं। सरकार किसानों की जमीन और रोजगार को छीनना चाहती है। देश को गरीब बनाकर मजदूर तैयार किए जा रहे हैं। विदेशों में जो उद्योग घराने हैं, इस प्रकार के उद्योग यहां पर होने चाहिए।
अगर सरकार की नीति यही रही तो देश अधिक गरीब होगा। सरकार कोई मांग नहीं मान रही है। फसलों के दाम नहीं बढ़ रहे हैं। भाकियू अपनी बात कहती रहेगी। एमएसपी गारंटी कानून बनना चाहिए। इससे देश के किसानों को लाभ होगा। देहात में मंडी समाप्त कर दी गईं। मंडी किसान का प्लेटफार्म है। इस दौरान प्रमोद अहलावत, अशोक घटायन आदि मौजूद रहे।
Saharanpur: राकेश टिकैत पर गलत बयान से संगठन में आक्रोश
राकेश टिकैत पर गलत बयानबाजी देने से संगठन में आक्रोश है। शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के मंडल महासचिव अरुण राणा के नेतृत्व में किसान एसएसपी कार्यालय पहुंचे। मंडल महासचिव अरुण राणा व महानगर अध्यक्ष मुकेश तोमर ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि कुछ लोगों ने बाहर से आकर भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के नाम से संगठन खड़ा कर लिया है। 28 नवंबर को किसान संगठन का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताते हुए राकेश टिकैत पर आरोप लगाए।
सोशल मीडिया पर लाइव आकर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के बारे में बयानबाजी की। उनके चरित्र को धूमिल करने की कोशिश की है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अरुण राणा ने कहा कि यदि ये लोग लड़ाई लड़ना चाहते हैं तो सामने आकर लड़ें। उन्होंने एसएसपी से गलत बयान देने वाले पर कार्रवाई की मांग की है।