लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने में बढ़ी परेशानी
भोजन बनाने वाले कारीगर मनोज कुमार, वीर बहादुर सिंह और बासु राम ने बताया कि गैस सिलिंडरों का टोटा होने के कारण लकड़ी के चूल्हों पर खाना पकाना पड़ रहा है। लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाने में समय अधिक लगता है और काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि लकड़ी भी करीब एक हजार रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मिल रही है, जिससे खर्च भी बढ़ गया है। गैस सिलिंडर होने पर कम समय में आसानी से भोजन तैयार किया जा सकता है।
तंदूर लगाकर बनाई जा रही रोटियां
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान भोजन की व्यवस्था बनाए रखने के लिए कचौड़ी के स्थान पर तंदूर लगाया गया है। लकड़ी के जरिए तंदूर में रोटियां बनाकर शिक्षकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि प्रशिक्षण के दौरान भोजन की व्यवस्था प्रभावित न हो।