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Muzaffarnagar News: विचाराधीन बंदी की संदिग्ध हालात मेंं मौत, परिजनों ने जेलकर्मियों पर लगाया पिटाई करने का आरोप

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मुजफ्फरनगर। नाबालिग साली को भगा ले जाने के आरोपी जिला जेल में बंद शामली जनपद के कांधला थाना क्षेत्र के गांव खेड़ा कुर्तान निवासी 26 वर्षीय आदिल की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जिला अस्पताल में ले जाने पर डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने जेल कर्मचारियों पर पिटाई करने का आरोप लगाकर जिला अस्पताल पर धरना दिया। पुलिस ने मौत का कारण जानने के लिए शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
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विचाराधीन बंदी को सुबह छह बजकर दस मिनट पर जिला कर्मचारियों ने तबीयत खराब होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उसे उपचार दिया लेकिन उसकी मौत हो गई। यह जानकारी जेल अधिकारियों ने नई मंडी कोतवाली पुलिस को दी। तो पुलिस टीम ने जिला अस्पताल पहुंच कर मामले की जानकारी ली।
उधर, जेल अधिकारियों ने विचाराधीन बंदी के परिजनों को सूचना दी तब पिता सालिम, चाचा इनाम, प्रधान नौशाद सहित डेढ़ दर्जन लोग जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने जेल कर्मचारियों पर पिटाई करने का आरोप लगाकर परिजन धरने पर बैठ गए।
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मृतक के चाचा इनाम ने बताया कि उनका भतीजा सवा माह पहले अपनी साली को भगा ले गया था। ससुराल वालों ने उनके व उनके भतीजे, भाई सालिम सहित सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
छह दिन पहले उन्होंने अपने भतीजे को कोर्ट में पेश किया था। वहां से उसे जेल भेज दिया था। वहां गिनती कटवाने के पैसे न मिलने पर जेल कर्मचारियोंं ने उसकी पिटाई की। चार दिन पहले आदिल का पिता सालिम ने जेल में अपने पुत्र से मिलने गया तो वहां उसने पिटाई करने की बात बताई थी।
बृहस्पतिवार को उनका भाई अपने पुत्र से मिलने गया। उसने गिनती काटने के नाम पर दस हजार सात सौ रुपये जेल कर्मचारियों को दिए। आठ हजार रुपये उनके भाई ने अपने पुत्र को खर्च के लिए दिए थे। इस दौरान पुत्र की तबीयत खराब देख कर जेल कर्मचारियों से उसे उपचार दिलाने को कहा था तब उन्हें धमकाते हुए बाहर जाने को कहा गया था।
कहा गया कि शुक्रवार सुबह 6 बजकर 35 मिनट पर जेल से कॉल कर आदिल की तबीयत खराब होना बताते हुए उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराने का सूचना दी। सात बजकर 42 मिनट पर मौत की सूचना दी गई। उनके भतीजे की मौत जेल में पिटाई करने से हुई है।
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दरोगा ने भी लिए पैसे, जेल में पिटाई से हुई मौत
पिता सालिम ने कहा कि उनके पुत्र साली को लेकर चला गया था। उन्होंने पुत्र के ससुराल वालों से कई बार दोनों के संबंधों के बारे में शिकायत की थी। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद कांधला थाने के दरोगा ने उनके पुत्र के पैर में पंचर करने की धमकी दी थी। उन्होंने दरोगा को पैसे भी दिए थे। उनका पुत्र जेल में पहुंचा तो वहां पर जेल कर्मचारियों ने उसकी पिटाई की। जिससे उनके पुत्र की मौत हो गई। उधर, सभी परिजनों ने आदिल की जेल में पिटाई करने का आरोप लगाकर न्याय की मांग कर जिला अस्पताल परिसर में धरना दे दिया। नायब तहसीलदार हरेंद्र सिंह ने पहुंच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया तो परिजन मान गए। परिजनों ने तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। नायब तहसीलदार ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

वर्जन-
विचाराधीन बंदी को पेट दर्द होने पर 24 जून से जेल के अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार दिलाया जा रहा था। शुक्रवार सुबह पांच बजकर 45 मिनट पर तबीयत ज्यादा खराब होने व बेहोश होने पर बंदी को जिला अस्पताल में छह बजकर दस मिनट पर जिला जेल में भर्ती कराया था। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने जो आरोप लगाए है, वह सभी गलत हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्थिति साफ हो जाएगी। - नीरज श्रीवास्तव, जेलर
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