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Muzaffarnagar News: डेढ़ साल चीखे-चिल्लाए...जुदा होने लगे तो आंसू निकल आए

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मुजफ्फरनगर। तितावी थाने में भावनाओं के सैलाब उमड़ा। डेढ़ साल तक मांडी की दोना फैक्टरी में जुल्म के बीच चीखे-चिल्लाए मजदूरों की आंखों से आंसू बह निकले। जुदा होने लगे तो एक-दूसरे को गले लगाया। मोबाइल नंबर लिए गए। परिवार और पुलिस के लोगों ने हिम्मत बंधाई।
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आजाद हवा के झोंको ने मजदूरों के घावों को हरा कर दिया। थाने में फूल मिले तो फैक्टरी में चुभाए गए कांटों की यादें भी ताजा हो गई। पिटबुल के हमले, भालों की नोक, बेल्ट की पिटाई याद आई। भरपेट भोजन मिला तो फैक्टरी में डेढ़ साल तक खाई चोकर की रोटियों वाले दिनों की बातें की गई।
कभी एक-दूसरे की आंखों में देखकर आजाद होने की तरकीबें सोचते रहते थे। पकड़े जाने पर बर्बरता झेली। बिहार के भभुगा के थाना रामगढ़ के महोबाकी निवासी उज्ज्वल ने कहा कि बुरे फंस गए थे। कई बार उम्मीद ही टूट गई लेकिन अब अपनी जिंदगी जी सकेंगे। सब साथी एक-दूसरे से मिलकर बेहद खुश है और हमारी आंखों में खुशी के आंसू है।
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इनसेट
यह मजदूर घरों के लिए हुए रवाना

- उज्ज्वल, महोबाकी, भभुगा
- संतोष, जोरगामा, बिहार
- रंजीत पासवान, मोतीहारी, बिहार
- शिवम, औरैया
- रामू, जोलीकोट, नैनीताल
- दिलशाद, अमरोहा
- सोनू चौहान, आगरा
- विक्रम, जोधपुर, राजस्थान
- राज हंस, मधुबनी, बिहार

इन मजदूरों को लेकर रवाना हुई पुलिस
तितावी थाने से छत्तीसगढ़ के सकेती निवासी नारायण, सीतापुर निवासी जगदीश और हरियाणा के हलालपुर निवासी साहिल को पुलिस उनके घर छोड़ने के लिए रवाना हुई। नारायण के परिवार में नाबालिग बेटी नाना-नानी के पास रहती है। पत्नी की मौत हो चुकी है। जगदीश के परिवार में शादीशुदा बेटी है। भाई कालीचरण अलग रहता है। उन्होंने भी आने में असमर्थता जताई है। साहिल को भी पुलिस लेकर रवाना हुई है।

फैक्टरी मालिक अंकित बालियान ने दाखिल की सरेंडर अर्जी
- एसआईटी कर रही जांच, तलाश कर रही पुलिस की पांच टीम
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। फैक्टरी मालिक अंकित बालियान ने अदालत में सरेंडर अर्जी दाखिल कर दी है। पुलिस की पांच टीमों ने आरोपी की तलाश में जगह-जगह जाल बिछा दिया है।
मजदूरों पर बर्बरता, मानव तस्करी और नेपाल के मजदूर अर्जुन की गैर इरादतन हत्या के मामले में पुलिस फैक्टरी के मालिक सहित दो आरोपियों को तलाश में लगी है। शुक्रवार को कई स्थानों पर पुलिस ने दबिश दी लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी है।
उधर, अंकित बालियान ने कोर्ट में सरेंडर अर्जी लगाई है। जानकारी मिलते ही पुलिस ने छानबीन तेज कर दी है। परिजनों के अलावा परिचितों से भी जानकारी ली जा रही है।
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इनसेट
इन मजदूरों के दर्ज कराए गए बयान
- पुलिस ने फैक्टरी से बंधन मुक्त कराए बिहार प्रदेश के राज हंस, संतोष, उज्जवल, औरैया निवासी शिवम, अमरोहा निवासी दिलशाद, छत्तीसगढ़ के नारायण, आगरा निवासी सोनू चौहान, नैनीताल निवासी रामू , बिहार निवासी जगदीश, रंजीत, साहिल व राजस्थान निवासी विक्रम के बयान दर्ज कराए। मजदूरों ने अपने ऊपर हुए जुल्म की कहानी बयान की।
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ये था मामला
तितावी थाना क्षेत्र के मांडी गांव की दोना बनाने की फैक्टरी में डेढ़ साल से यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड समेत अन्य स्थानों से लाए गए मजदूरों को बंधक बनाकर रखा गया। बंधुआ मजदूर बनाकर दिन में एक बार सूखी रोटी देकर 24 घंटे काम कराया जाता रहा। वेतन मांगने एवं बाहर जाने की बात पर नुकीले डंडों से मारपीट की जाती और पिटबुल कुत्तों से भी डराया जाता था। मामले में नया मोड़ 22 जून को आया। मजदूर विक्रम ने किसी तरह फैक्टरी से भागकर तितावी थाने में जानकारी दी। इसके बाद 23 जून को पुलिस और श्रम विभाग की टीम ने मजदूरों को बंधनमुक्त कराया था।

वर्जन :
मजदूरों की कराई गई आर्थिक मदद
फैक्टरी मालिक ने कोर्ट में सरेंडर अर्जी लगाई है। उसकी तलाश में एसआइटी सहित पांच टीम लगी थी। शुक्रवार को मजदूर अपने घर के लिए रवाना हो गए हैं। उन्हें आर्थिक मदद दी गई है। - अक्षय संजय महाडीक, एसपी देहात
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