छोटा भाई शफीक गांव बेलड़ा में ही स्ट्रॉबेरी की खेती करता रहा। उसके पास भी अपनी निजी भूमि नहीं है। उसने लगभग 12 बीघा भूमि गांव में ही नहर के निकट ठेका पर जमीन ले रखी है, जिसमें स्ट्रॉबेरी की अच्छी खासी फसल है। शफीक के साथ उसका बेटा शाबान, शहजाद, शाहरुख, सलमान, शावेज आदि परिजन भी सहयोग करते हैं।
सलमान ने बताया कि उसके ताऊ नफीस उन्हें पहाड़ी इलाके से पौध खरीद कर लाकर देते हैं। अक्तूबर-नवंबर में पौध लगाई जाती है और तीन माह बाद फल आना शुरू हो जाता है। वह अपने परिवार के साथ खेत में दिन-रात मेहनत करते हैं, जिसके चलते उन्हें लगातार अच्छा मुनाफा हो रहा है।
स्ट्रॉबेरी के साथ सहफसली पैदावारी भी
शफीक व उसके बेटे सलमान ने बताया कि वह स्ट्रॉबेरी की अच्छी पैदावारी तो करते ही है। साथ ही सहफसल के रूप में तोरई, लौकी, ककड़ी, खीरा, लोभिया आदि की फसल भी लेते हैं। इन्हीं खेतों में उसने पॉपुलर के पेड़ भी लगाए हैं। अभी भी प्रतिदिन लगभग 60-65 किलो स्ट्रॉबेरी की तुड़ाई की जा रही है। फुटकर में भी इसकी खूब बिक्री हो रही है।
250 से 700 रुपये प्रति किलो का मिलता है दाम
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन स्ट्रॉबेरी को दिल्ली मेरठ की मंडी में भेजते हैं जहां प्रारंभ में 600 से 700 रुपये किलो तक का भाव मिला। एक पेड़ से लगभग 3 किलो फल मिलता है। मई के आधे माह तक फल जारी रहता है। कांवड़ मार्ग पर वह स्ट्रॉबेरी की दुकान लगाते हैं, जहां अच्छी खासी बिक्री होती है।