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Muzaffarnagar News: विदेशी कंपनियों के नकली सप्लीमेंट बना रहे दो भाई गिरफ्तार

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नकली सप्लीमेंट बनाने के आरोपी दोनों सगे भाई फोटो संवाद
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मुजफ्फरनगर। खालापार पुलिस ने किदवई नगर में हर्बल पावर फार्मेसी की आढ़ में अमेरिका, जापान व रूस की नामी कंपनियों के नकली रैपर लगाकर प्रोटीन, कैप्सूल और हेल्थ सप्लीमेंट बनाने की फैक्टरी पकड़ी। फैक्टरी संचालक दो भाइयों जावेद व आरिफ को गिरफ्तार कर विदेशी कंपनी के नाम से बनाया गया डेढ़ करोड़ का माल, नकली रैपर आदि सामान बरामद किया।
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पुलिस लाइन सभागार में एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि किदवई नगर में सरईया मदरसे वाली गली में एक मकान से दो सगे भाइयों आसिफ व जावेद को गिरफ्तार किया। दोनों मूल रूप से मंसूरपुर के गांव पुरबालियान निवासी हैं। दोनों विदेशी कंपंनियों के नाम से नकली हेल्थ सप्लीमेंट बना रहे थे। मौके से विदेशी कंपनियों के नाम से बनाए गए डेढ़ करोड़ का नकली सप्लीमेंट व सामान बरामद किया गया है। हजारों खाली कैप्सूल, खाली शीशी, बोतल, डिब्बी भी बरामद हुई।
आसिफ ने बीफार्मा कर हाईस्कूल पास भाई जावेद के नाम से हर्बल पावर फार्मेसी के नाम से न्यूट्रासूटिकल व सप्लीमेंट बनाने का लाइसेंस लिया था। वे लाइसेंस वाले उत्पाद के अलावा नकली सप्लीमेंट बनाकर बेचने का अवैध धंधा कर युवाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे थे।
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एसपी के मुताबिक ये दोनों यही अवैध धंधा 2021 में भी कर रहे थे। कई करोड़ का माल पकड़े जाने पर आसिफ को गिरफ्तार किया गया था। जावेद ने बाद में जमानत कराई थी। उस समय इनका लाइसेंस निरस्त हो गया था। बाद में केंद्र से लाइसेंस लेकर काम शुरू किया था। किसे माल बेचा जाता था, कौन सप्लायर है। उनकी जानकारी भी की जा रही है। वे सीधे जिम संचालकों को भी माल बेचते थे। अब वे दो साल से काम कर रहे थे।

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आरोपियों से नकली सप्लीमेंट बनाने का कच्चा माल, प्रिंटर, लैपटॉप, ड्रम, सैकड़ों बोतल, शीशी, हजारों कैप्शूल, माल बनाने, तौलने से लेकर टेप चिपकाने तक का सामान बरामद हुआ है।
300 रुपये की लागत, बेचते थे छह हजार रुपये में
पुलिस के मुताबिक दोनों भाई ज्यादातर वेबसाइट व इंस्टाग्राम की मदद से ऑनलाइन ऑर्डर लेकर सप्लीमेंट बेचते थे। तीन सौ रुपये की लागत वाला उत्पाद छह हजार में बेचते थे। एक ही उत्पाद को कई तरह के कैप्सूल, शीशी, बोतल में भरकर अलग अलग नाम व फायदा बताकर बेचते थे। वजन कम करने वाले नकली कैप्सूल भी बेचते थे। बार कोड भी लगाते थे। खाद्य व ड्रग्स विभाग से लाइसेंस नहीं लिया था। दोनों विभागों की टीम ने सैंपल लिए है।
दिल्ली के चावड़ी बाजार में सीखा काम
दोनों भाई नकली सप्लीमेंट बनाने के लिए दिल्ली के चावड़ी बाजार से माल मंगाते थे। दिल्ली में ही रैपर छपवाते थे। चावड़ी बाजार में 2008 में काम नौकरी करने के दौरान यह काम भी सीखा था।

नकली सप्लीमेंट बनाने के आरोपी दोनों सगे भाई फोटो संवाद

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