खेत में पड़े खून को मिट्टी डालकर मिटाने की कोशिश की
शाहपुर (मुजफ्फरनगर)। गांव हजूरनगर में खुशनूद की हत्या का मामला हत्यारों की करतूत से काफी उलझ गया है। युवक को उसके खेत से करीब 300 मीटर दूर ले जाकर उसकी गर्दन काटकर हत्या की गई। इसके बाद शव को वहां से भी करीब सौ मीटर की दूरी पर ले जाकर फेंका गया। खेत में पड़े खून को मिट्टी डालकर मिटाने की कोशिश भी की गई।
थाना क्षेत्र के गांव हजूरनगर निवासी मेहरबान के पांच बेटों में तीसरे नंबर का खुशनूद पिता के साथ गांव में ही रहकर खेती-बाड़ी करता है। वहीं, उसके तीन भाई शहजाद, कासिम व मोहसिन सऊदी अरब में रहकर नौकरी करते हैं, जबकि चौथा भाई खुर्शीद देवबंद मदरसे में कार्यरत है। हत्यारों ने खुशनूद की हत्या को अंजाम देने में काफी शातिराना अंदाज भी दिखाया। पहले खुशनूद को उसके खेत से करीब 300 मीटर दूर स्थित हाशिम के खेत में ले जाया गया, जहां धारदार हथियार से गर्दन काटकर उसकी बेरहमी से हत्या की गई। इसके बाद शव को वहां से उठाकर करीब सौ मीटर दूर मुबारिक के खेत में ले जाकर फेंका गया।
हाशिम के खेत से काफी मात्रा में खून और खुशनूद की चप्पलें बरामद की गईं हैं। वहां पड़े खून को मिट्टी डालकर मिटाने का भी प्रयास किया गया। वहीं, उसकी जैकेट न तो हाशिम के खेत में मिली है और न ही मुबारिक के खेत में घटनास्थल पर। उधर, बुढ़ाना सीओ विनय गौतम का कहना है कि पिता की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। खुलासे के लिए कई टीमें लगाई गईं हैं, जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
मिलनसार प्रवृत्ति का था खुशनूद
शाहपुर। गांव हजूरनगर निवासी खुशनूद बेहद शरीफ व मिलनसार प्रवृत्ति का था, जिसकी गांव में किसी से भी कोई रंजिश नहीं थी। ग्रामीणों ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति उससे मदद मांगता तो वह हर समय तत्पर रहता था। इसके बावजूद उसकी बेरहमी के साथ हत्या कर दी गई। वहीं, खुशनूद का निकाह क्षेत्र के ही गांव बसधाड़ा निवासी फरजाना से हुआ था। दंपती के दो बच्चे शहरयान व इश्मा हैं। पत्नी दोनों बच्चों के साथ कुछ दिन पूर्व मायके गई थी, जो शौहर की हत्या के बाद घर लौटी।