हाजीपुर में महर्षि कश्यप की प्रतिमा की स्थापना के अवसर पर उपस्थित ग्रामीण
मोरना। श्री शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि भक्ति ही मानव का श्रृंगार है। हाजीपुर को महर्षि कश्यप के नाम से कश्यप नगर बनाया जाना चाहिए। देश में महर्षि कश्यप जैसे महान महर्षियों का जन्म हुआ है, जिन्होंने अपने पुरुषार्थ और कठोर तप से मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर मानव जाति का उद्धार किया है।
गांव हाजीपुर में तिराहे पर महर्षि कश्यप की प्रतिमा की स्थापना श्रद्धा और आस्था के साथ की गई। दूरदराज से आए ग्रामीणों ने पूजा में भाग लिया। ओमानंद महाराज ने कहा कि महर्षि कश्यप के ही पुत्र देवता और दानवों ने समुद्र मंथन किया, जिससे अमृत निकला, जो महाकुंभ का आधार है। सूर्यवंश, इक्ष्वाकु वंश और रघुवंश का सृजन मरीचि नंदन महर्षि कश्यप से ही हुआ है। भगवान नारायण की नाभिकमल से सृष्टि सृजनकर्ता ब्रह्मा जी, ब्रह्मा के पुत्र महर्षि मरीचि और मरीचि के पुत्र महर्षि कश्यप हुए। बिजनौर सांसद चंदन चौहान ने कहा कि महापुरुषों के पदचिन्हों पर चलने से ही कल्याण संभव है। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, पूर्व एमएलसी सुरेश कश्यप, रामकुमार शर्मा, चंद्रमा ब्रह्मचारी ,अमित राठी, अरुण पाल, संजीव कश्यप, देवेन्द्र कश्यप, चन्द्रमा ब्रह्मचारी मौजूद रहे।
हाजीपुर में महर्षि कश्यप की प्रतिमा की स्थापना के अवसर पर उपस्थित ग्रामीण