भोपा (मुजफ्फरनगर)। कौशल विकास के केंद्र पर गड़बड़झाला मिला। प्रशिक्षण में दर्शाए गए अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक हाजिरी मिली, लेकिन भौतिक सत्यापन में केंद्र पर एक भी अभ्यर्थी नहीं था। राज्य सहभागिता सहायक समन्वयक अभिमान सिवाच ने भोपा थाने पर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। प्रशिक्षण के लिए आठ हजार रुपये प्रतिमाह एक अभ्यर्थी को दिए जाते हैं।
बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के राज्य सहभागिता सहायक समन्वयक अभिमान सिवाच ने पुलिस को बताया कि मोरना स्थित जेपीएस पब्लिक स्कूल में जगदीश प्रसाद मेमोरियल सोसायटी की ओर से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत युवाओं को प्रशिक्षण देने का कार्य किया जाना सुनिश्चित किया गया था।
यहां केंद्र पर 18 युवा प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए दर्शाये गए। टीम ने पिछले दिनों केंद्र का निरीक्षण किया तो एक भी अभ्यर्थी उपस्थित नहीं था। जबकि उनकी उपस्थिति बायोमैट्रिक मशीन के माध्यम से दर्शाई गई थी।
सोसाइटी के प्रशिक्षण (साझेदार) राजन गौड़ पर प्रशिक्षण की धनराशि की धोखाधड़ी कर दुरुपयोग करने, विश्वासघात, धन की हेराफेरी करने के आरोप लगाए गए। पुलिस का कहना है की मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
इनसेट
इस तरह खुलता चला गया मामला
पांच दिसंबर 2024 में निगम की टीम ने केंद्र पर संचालित प्रशिक्षण का औचक निरीक्षण किया। प्रशिक्षण केंद्र पूरी तरह से बंद पाया गया और कोई भी छात्र उपस्थित नहीं था। 11 फरवरी को आरोपी संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। आठ जुलाई 2025 को एसएसपी को दी अपनी शिकायत में बताया कि संचालन के लिए फंड आवंटित किया गया था, लेकिन निरीक्षण में यह पाया गया कि आवंटित धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के विपरीत किया गया।