शहर में सिपाहियों के इशारे पर कंट्रोल होता है ट्रैफिक
मुजफ्फरनगर। शहर की यातायात व्यवस्था को संचालित करने के लिए करीब आठ वर्ष पहले एमडीए की ओर से शहर के मीनाक्षी चौक, महावीर चौक और अहिल्या बाई चौक पर लाखों रुपये खर्च करके ट्रैफिक सिग्नल लाइटें लगाई गई थी। ये लाइटें कुछ माह चलने के बाद देखरेख के अभाव में ठप हो गई थी। वर्षों से ये लाइट शोपीस बनी हुई हैं, जबकि इन दिनों शहर में बढ़ी ई-रिक्शाओं की भरमार और ट्रैफिक के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा रही है। मीनाक्षी चौक, शिव चौक, अहिल्याबाई चौक, मालवीय चौक, महावीर चौक पर पूरे दिन जाम की स्थिति रहती है। इससे राहगीर परेशान रहते हैं।
मीनाक्षी चौक पर नहीं सुधर सकी व्यवस्था
मुजफ्फरनगर। ट्रैफिक पुलिस ने मीनाक्षी चौक पर लगी लाइटों को ठीक करने का प्रयास किया। इसके लिए कुछ दिन पूर्व ट्रायल भी किया गया, लेकिन लाइटों की टाइमिंग में गड़बड़ी है। ट्रैफिक सिग्नल लाइट लगे चौराहों से भैंसा बुग्गी या अन्य धीमी गति से चलने वाले वाहनों का संचालन नहीं होना चाहिए, लेकिन यहां पर भैंसा बुग्गियों की खूब आवाजाही होती है। इससे भी व्यवस्था नहीं पाई। इसके अतिरिक्त चौराहे पर जगह की भी कमी है। लाइटों के आगे यूनिपोल एवं अन्य होर्डिंग्स लगे हैं। इससे आने-जाने वालों को लाइटें नजर ही नहीं आती। यहां पर ट्रैफिक लाइटें शुरू करने का यातायात पुलिस का प्रयास इन सब वजहों से विफल हो गया है।
राहगीर भूल गए लाइटों की ओर देखना
मुजफ्फरनगर। वर्षों से बंद पड़ी ट्रैफिक सिग्नल लाइटें कभी कभार टिमटिमाटी भी है, तो कोई उनकी ओर नजर नहीं करता। दरअसल नागरिकों को ट्रैफिक लाइटों के अनुसार चलने की आदत ही नहीं है। इन चौराहों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहती है। इसलिए ट्रैफिक की व्यवस्था वहीं संभालते हैं।
इन्होंने कहा...
चौराहों पर यातायात व्यवस्था के लिए लगी ट्रैफिक सिग्नल लाइटों को सही कराने का प्रयास किया जाएगा। जो भी समस्या आ रही है उन्हें दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।
- बीबी चौरसिया, एसपी ट्रैफिक।
रेड लाईट सिग्नल के सामने लगा यूनीपोल।- फोटो : MUZAFFARNAGAR