उम्मीद की मशाल : सिकंदरपुर की ग्राम पाठशाला से छह गांवों में फैल रहा शिक्षा का उजियारा
मदन बालियान
मुजफ्फरनगर। सिकंदपुर गांव के आठ दोस्तों के संकल्प ने छह गांव में शिक्षा का उजियारा कर दिया। जेब खर्च के रुपये जोड़कर खोली गई ग्राम पाठशाला (लाइब्रेरी) से आसपास के छह गांव के छात्र-छात्राएं कोर्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें पढ़ रहे हैं। सुबह 07:00 से रात 12:00 बजे तक पाठशाला चलती है। सरकारी नौकरी कर रहे गांव के युवा अपनी तनख्वाह में से लाइब्रेरी के लिए जरूरी सामान जुटाने में मदद कर रहे हैं।
सिकंदरपुर गांव के युवाओं ने कर दिखाया कि हौसला और कुछ कर गुजरने की चाह हो तो मुश्किलें बाधा नहीं बन सकती। ग्राम पाठशाला खोलने में अहम भूमिका निभाने वाले अमित कुमार बताते हैं कि गांव में पंचायत घर का जर्जर भवन आवारा पशुओं का ठिकाना बना हुआ था। अमरोहा में तैनात यूपी पुलिस में सिपाही गांव के ललित कुमार, सीआईएसएफ में कांस्टेबल आशु राज और युवा गौरव कुमार, दुष्यंत कुमार, विशाल कुमार, नरोत्तम और सोनू कुमार ने इसी भवन में शिक्षा की ज्योति जलाने का फैसला किया, लेकिन भवन सरकारी होने की वजह से संशय था।
गांव के जिम्मेदार लोगों और प्रधान से मुलाकात कर मकसद बताया गया। सहमति मिली तो दोस्तों ने अपनी जेब खर्च और तनख्वाह से रुपये एकत्र किए। पहले जर्जर भवन की मरम्मत कराई गई और इसके बाद किताबें खरीदी। एलकेजी से स्नातक तक यूपी और सीबीएसई की किताबें रखी गई हैं। युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध हैं। युवाओं के कदम से क्षेत्र के लोग बेहद खुश हैं।
इन गांव के युवा पहुंच रहे पढ़ने
पाठशाला में सिकंदपुर, रहमतपुर, गढ़वाड़ा, निरगाजनी और सीकरी गांव के युवा पाठशाला में पहुंचकर किताबें पढ़ रहे हैं।
खंडहर में जलाई शिक्षा की मशाल
जिस जगह ग्राम पाठशाला खोली गई है, वह पहले प्राथमिक विद्यालय था। भवन जर्जर हुआ तो स्कूल को नया भवन दे दिया गया। प्रशासन ने भवन पंचायत घर को आवंटित कर दिया। नया पंचायत घर बना तो पुराना भवन खंडहर होने लगा। ग्रामीण पशु बांधने लगे, उपले रखे जाते थे। लेकिन युवाओं के संकल्प ने तस्वीर बदल दी और शिक्षा की मशाल जल गई।
मदद के लिए आगे आ रहे हैं लोग
युवा गौरव कुमार और दुष्यंत बताते हैं कि गांव के लोग मदद के लिए आगे आ रहे हैं। कुर्सी, मेज और पंखे तक लाइब्रेरी को दिए गए हैं। शुरूआत में भले ही आठ लोग थे, लेकिन पूरा गांव सहयोग के लिए खड़ा हो गया है।
25 सीट, रात 12 बजे तक पढ़ाई
लाइब्रेरी में अभी करीब 25 सीटे हैं। यहां सुबह सात से रात 12 बजे तक पढ़ाई होती है। दोपहर में 12 से एक बजे के बीच लंच होता है।