मुजफ्फरनगर। अपनी कार्यप्रणाली के लिए घिरी एमआईटूसी कंपनी को आखिरकार अपने कर्मचारियों को कांवड़ यात्रा के दौरान 13 दिनों की अतिरिक्त ड्यूटी का भुगतान करना ही पड़ा। इसके बाद ही कर्मचारी अपने कार्य पर लौटे और कामबंद हड़ताल खत्म हो पाई। मंगलवार को डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू हुआ।
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में जुटी कंपनी की ओर से 40 कर्मचारियों को कांवड़ यात्रा के दौरान मार्ग पर सफाई कार्य के लिए 13 दिन की अतिरिक्त ड्यूटी पर लगाया गया था। इसके लिए अलग से भुगतान करने का वादा कर्मचारियों से किया गया। लेकिन कांवड़ यात्रा के बाद ये भुगतान नहीं किया जा रहा था। जिस कारण आक्रोशित कर्मचारियों ने कांवड़ यात्रा भुगतान और लंबित वेतन की मांग करते हुए सोमवार को वाहन खड़े कर कामबंद हड़ताल कर दी थी। सोमवार देर शाम कंपनी की ओर से 40 कर्मचारियों को कांवड़ यात्रा के अतिरिक्त कार्य के लिए भुगतान किया गया।
कंपनी के सेकेंड्री प्वाइंट इंचार्ज कुलदीप सिंह ने बताया कि कंपनी ने कांवड़ यात्रा के लिए 12 घंटे की 13 ड्यूटी के आधार पर प्रत्येक कर्मचारी के खाते में करीब 17-17 हजार रुपये का भुगतान जारी कर दिया है। कर्मियों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है और कार्य शुरू करा दिया गया है। अक्तूबर माह का लंबित वेतन भी दो दिन में कंपनी ओर से जारी करने का भरोसा कर्मियों को दिया गया है।
उन्होंने बताया कि पालिका की ओर से भुगतान नहीं करने से परेशानी पैदा हो रही है। कंपनी पर 50 प्रतिशत का जुर्माना लगाकर 46 लाख रुपये का भुगतान सितंबर माह से काटने के कारण कंपनी ने पालिका ईओ को पत्र लिखकर इसका कारण पूछा है। अभी तक पालिका प्रशासन की ओर से कोई भी कारण नहीं बताया गया है। अक्तूबर माह का भुगतान भी पालिका की ओर से अभी नहीं किया गया है।