मुजफ्फरनगर। फर्जी कंपनियों के नाम से बिल व ई-वे बिल काट कर करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि पहुंचाने वाला गिरोह नौकरी दिलाने के बहाने लोगों के दस्तावेज लेता था। बाद में उनके नाम से फर्जी कंपनी व बैंक में खाते खोल लेता था। उधर, आरोपियों से सांठगांठ कर जीएसटी चोरी करने वाली कंपनियों की छानबीन भी शुरू हो गई है।
एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में जानकारी दी है कि वह लोग सबसे पहले देश भर में घूम फिर कर एवं फोन के माध्यम से देश के अलग-अलग कोनों से भोले भाले लोगों को प्रलोभन देकर व नौकरी का लालच देकर उनसे उनकी केवाईसी (आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर पहचान कार्ड, बिजली बिल आदि) ले लेते हैं। इसके बाद उनकी आईडी पर उनके नाम पर फर्जी कंपनी बनाकर जीएसटी पर रजिस्टर कर लेते हैं। उनके नाम पर फर्जी व मूल बैंक खाता खुलवाकर दस्तावेज अपने पास ले लेते हैं। इसके बदले आइडी देने वाले लोगों को थोड़ा बहुत रुपया भी दे देते थे।