मुजफ्फरनगर। साइबर अपराधियों ने देश में अलग-अलग 48 फर्जी कंपनियां बनाकर 925 करोड़ के फर्जी जीएसटी बिल काट दिए। सरकार को 135 करोड़ रुपये की राजस्व की हानि पहुंचाई गई। गिरोह ने हवाला के जरिए एक करोड़ 90 लाख रुपये का लेनदेन भी किया। पुलिस ने रतनपुरी, खतौली, बुढ़ाना के रहने वाले मास्टर माइंड सहित सात आरोपी गिरफ्तार किए है। आरोपियों से मोबाइल, सिम, आधार कार्ड, पेन कार्ड बरामद हुए हैं।
एसएसपी अभिषेक सिंह ने पुलिस लाइन सभागार में पत्रकारों को बताया कि बुढ़ाना, रतनपुरी पुलिस की मदद से साइबर थाना पुलिस ने रतनपुरी के गांव भनवाड़ा निवासी तसलीम व जुनेद, पश्चिमी पछाला कृष्णापुरी बुढ़ाना निवासी सेठी, गीतापुरी भूड़ निवासी आस मोहम्मद, मंडी दक्षिणी बस स्टैंड के पीछे बुढ़ाना निवासी आसिफ, पुरानी टंकी के पास बुढ़ाना निवासी मोइन व भगत सिनेमा के पास बुढ़ाना निवासी अजीम को गिरफ्तार किया है।
लगभग एक हजार करोड़ के फर्जी जीएसटी बिल के आदान प्रदान के स्क्रीनशॉट, दो पेन कार्ड, तीन कॉपियां, आठ मोबाइल व बीस सिम बरामद हुए। आरोपियों ने देश भर के अलग अलग स्थानों पर रहने वाले लोगों के नाम से फर्जी कंपनी बनाकर फर्जी जीएसटी व ई-वे बिल काटे हैं। आरोपी अजीम कंप्यूटर से बीटेक है। तकनीकी काम वहीं करता है। तसलीम सरगना है। एसपी देहात आदित्य बंसल की निगरानी में जांच कराई गई थी। साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया है।