संवाद न्यूज एजेंसी
भौराकलां। कुरावा मार्ग का गुंबद शिव मंदिर जंगल में होने के कारण यहां दिन छिपने के बाद आवाजाही कम हो जाती है। बाइक पर सवार होकर आए हमलावरों को भौगोलिक स्थिति की पूरी जानकारी थी। महाराज जी के नाम से आवाज देकर कमरे का गेट खुलवाया गया और दो मिनट तक बातचीत हुई। इसके बाद फायर की आवाज आई।
शुरुआती जांच में ही पुलिस के हाथ कई महत्वपूर्ण जानकारी लगी हैं। पास की आईटीआई में तैनात पीआरडी जवान फायर की आवाज सुनकर जब मौके पर पहुंचा तब तक साधु की मौत हो चुकी थी। पुलिस को जानकारी दी गई कि बाइक सवार हमलावरों ने वारदात अंजाम दी है।
एसएसपी सूरज राय ने बताया कि मौके से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। एक गोली मारकर हत्या की गई है। इसके अलावा सर्विलांस टीम छानबीन कर रही है। भौराकलां के अलावा कुरावा और देहात क्षेत्र के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला जा रहा है। पुलिस ने हमलावरों की तलाश के लिए फुगाना-लालूखेड़ी और शाहपुर मार्ग पर अलग-अलग कांबिंग अभियान भी चलाया। अलग-अलग टीम को जिम्मेदारी दी गई है। जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा।
-
इनसेट
साधु के परिचित....मंदिर में आते-जाते रहे
जिस तरह वारदात अंजाम दी गई, उससे लग रहा है कि हमलावर साधु के परिचित रहे हैं और पहले भी मंदिर पर उनका आना-जाना लगा रहा। सवाल यह है कि आखिर किस बात को लेकर साधु से हमलावरों की बात बिगड़ी।
-
इनसेट
सैकड़ों ग्रामीण पहुंच गए मौके पर
मंदिर पर साधु की हत्या की जानकारी मिलते ही रात के समय सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने इससे पहले ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पुलिस को इंतजार करना चाहिए था।
-
इनसेट
मंदिर पर अकेले रहे थे भारती
साधू देवानंद भारती लंबे समय से मंदिर पर अकेले ही रहते थे। उन्होंने ग्रामीणों को बताया था कि वह मध्य प्रदेश के ग्वालियर के रहने वाले हैं। फौज से सेवानिवृत्त हुए और इसके बाद साधु बनकर भौराकलां आकर रहने लगे।