- मरीज निजी सेंटरों पर जाकर जांच कराने के लिए मजबूर, जेब पर पड़ रहा बोझ
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय में इको परीक्षण की सुविधा नहीं है। जांच के अभाव में मरीज निजी सेंटरों पर जाकर जांच कराने के लिए मजबूर हैं। जिसको लेकर मरीजों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिला चिकित्सालय में पिछले कई सालों से इको मशीन खराब है। सरकारी अस्पताल स्थित सघन हृदय रोग चिकित्सा केंद्र पर मशीन के अभाव में इको परीक्षण नहीं किया जाता है। ठंड बढ़ने से हृदय रोगी भी बढ़ गए हैं। ऐसे में रोजाना पांच से सात मरीज ऐसे आते हैं, जिन्हें इको परीक्षण की जरूरत होती है। हृदय रोगी विशेषज्ञ डॉ. बीके जैन का कहना है कि इको मशीन नहीं होने की वजह से मरीज निजी सेंटरों पर जांच कराता है। सघन हृदय रोग चिकित्सा केंद्र पर केवल ईसीजी की सुविधा है। कई बार ईसीजी से काम नहीं चलता है तो मरीज की इको जांच लिखी जाती है। उधर, शुक्रवार को हृदय की जांच कराने पहुंचे मरीज की ईसीजी की जांच कराने के बाद इको की भी जरूरत हुई। जिन्हें चिकित्सक ने इको परीक्षण कराने के लिए कहा।
निजी संस्थान में करानी पड़ेगी जांच
आर्यपुरी निवासी मुलकराज नाम के मरीज ने बताया कि उन्हें ब्लड प्रेशर और सांस फूलने की दिक्कत है। पिछले तीन चार दिन से दिक्कत बढ़ गई है। जिसके चलते वह जांच के लिए पहुंचे थे, लेकिन यहां पर इको परीक्षण की सुविधा नहीं है। अब उन्हें निजी सेंटर पर जांच करानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि निजी सेंटर पर यह जांच 1600 से 1800 रुपये तक की होती है।