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वर्चस्व को लेकर होती रही है खूनी रार

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वर्चस्व को लेकर होती रही है खूनी रार
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मुजफ्फरनगर। शहर का सरवट व मदीना चौक क्षेत्र लंबे समय से अपराध का गढ़ रहा है। वर्चस्व को लेकर शहर क्षेत्र में सबसे अधिक गैंगवार इसी क्षेत्र में हुई है। यहां के अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण भी समय-समय पर मिलता रहा है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव सरवट व मदीना चौक क्षेत्र में करीब डेढ़ दशक पहले गांव दधेड़ू के मूल निवासी उस्मान व सरवट निवासी जाकिर मैंबर गैंग की रंजिश चर्चाओं में थी। दोनों गुटों को राजनीतिक संरक्षण के साथ ही जाकिर मेंबर पक्ष को कुख्यात विक्रांत उर्फ विक्की त्यागी का भी समर्थित माना जाता था। इसी का नतीजा था कि उस्मान की गांव सलेमपुर में हुई हत्या में विक्की त्यागी को जिम्मेदार ठहराया गया। विक्की त्यागी की हत्या में उस्मान के बेटे शाहनवाज को भी नामजद किया गया। उस्मान की हत्या के बाद जाकिर पक्ष की सरवट के ही जमील अंसारी पक्ष से रंजिश शुरू हो गई। इसमें जाकिर मेंबर सहित कई लोगों की हत्याएं अब तक हो चुकीं हैं। जाकिर की हत्या के बाद इस क्षेत्र में सोनू सक्का और शाहनवाज प्लास्टिक नाम के नए अपराधी उभरकर सामने आए। राजनीतिक संरक्षण के चलते लगातार दोनों गुट आमने-सामने आते रहे। शाहनवाज प्लास्टिक की हत्या के बाद सोनू सक्का को उसी के दोस्त दिलशाद पक्ष ने चुनौती दी, जिसमें अब तक सोनू सक्का पक्ष का ही पलड़ा भारी रहा है। आसिफ हत्याकांड के बाद इस क्षेत्र में इन दोनों गुटों के बीच नई गैंगवार शुरू होने की आशंकाएं जताईं जाने लगीं हैं।
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सोनू सक्का पर दर्ज हैं 21 मुकदमे
मुजफ्फरनगर। सरवट निवासी कुख्यात सोनू सक्का पर हत्या समेत अन्य संगीन धाराओं में अलग-अलग थानों में 21 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से कुछ मुकदमे ट्रायल पर भी चल रहे हैं। सोनू सक्का का नाम कुख्यात आसिफ जायदा के पिता यामीन की हत्या में भी सामने आ चुका हैं।
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