संवाद न्यूज एजेंसी
ककरौली। बेहड़ा सादात-जौली मार्ग पर रजबहे की पटरी टूटने से करीब 120 बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई। इस घटना से भिंडी, गेहूं और गन्ने सहित कई किसानों की फसलें डूब गईं। इससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या नई नहीं है, बल्कि हर साल रजबहे की पटरी टूटने से ऐसी ही स्थिति बनती है। तिस्सा, तेवड़ा और खोकनी गांव के किसान सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। किसान कई साल से रजबहे की दीवारें पक्की बनवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
उनका आरोप है कि सिंचाई विभाग को कई बार अवगत कराने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया। किसान इरशाद ने बताया कि विभाग को पटरी कमजोर होने की जानकारी पहले ही दे दी जाती है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। किसान खुर्शीद अहमद ने कहा कि उनकी जमीन में पानी भरने से भूसा भी बह गया है, जिससे पशुओं के चारे की समस्या खड़ी हो गई है।
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि यदि रजबहे की दीवारें मजबूत और पक्की बना दी जाएं, तो हर साल होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।