मुजफ्फरनगर में कोहरे के बीच गुजरते राहगीर।
- फोटो : अमर उजाला
दिनभर चल रही शीतलहर और सुबह के समय कोहरे ने जनजीवन की दिनचर्या को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। ठंड का आम जनमानस पर सीधे प्रभाव पड़ रहा है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह और रात में ठंड का सितम लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। ट्रेनों और बसों का संचालन प्रभावित होने से यात्रियों को काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य रूप से बच्चों को सुबह घर से स्कूल पहुंचने के दौरान मुसीबत झेलनी पड़ती है।
जिले में शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है। 24 घंटे चल रही ठंडी हवाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। सुबह के समय घना कोहरा वाहनों की रफ्तार को थाम दिया है। चालकों को वाहन चलाने के दौरान काफी दिक्कतें उठाने पड़ती है। दिन में धूप निकलने के बाद भी शीतलहर के कारण लोगों को ठंड से राहत महसूस नहीं हो रही है। बुधवार को न्यूनतम तापमान में जरूर थोड़ी बढ़ोतरी हुई। न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रहा, लेकिन अधिकतम तापमान 21 डिग्री के आसपास ही चलने से ठंड का असर बरकरार है।
बीते 17 दिनों से न्यूनतम तापमान जीरो से तीन डिग्री के बीच ही चल रहा था, लंबे समय बाद पांच डिग्री के पास पहुंचा है। शीतलहर के चलते लोग शाम को जल्दी अपने घरों में पहुंच रहे हैं। रात्रि में तो सड़के पूरी तरह सुनसान ही दिखाई देने लगी है। ठंड का यहां बाजारों पर सीधा असर पड़ रहा है। यातायात व्यवस्था इतनी अधिक प्रभावित हुई है कि रोडवेज को अपने फेरे घटाने पडे हैं। यात्रियों के आने वाले दिनों में प्रयागराज के कुंभ में बसों के जाने के कारण और कठिनाइयां उठानी पड़ेगी।