संवाद न्यूज एजेंसी
रतनपुरी। श्री निजानंद आश्रम के 54वें वार्षिक महोत्सव के तीसरे दिन धर्मोपदेशकों ने श्री मुखवाणी चर्चा से सुंदरसाथ को निहाल किया। दूर-दराज से पधारे सुंदरसाथ ने वाणी गायन एवं भजन गायन के द्वारा श्रीजी को रिझाया।
आश्रम के मुख्य धर्मोपदेशक विजय आहूजा, अर्चना तनेजा, रजनीश और आशा महाना ने श्री मुखवाणी चर्चा से श्रीजी साहेब जी का गुणगान किया। सुंदरसाथ ने अखंड परायण पाठों का पठन-पाठन भी किया। वार्षिक महोत्सव में पधारे सुंदरसाथ ने अपने भक्तिमय भजन गायन एवं वाणी गायन से श्रीजी को रिझाया।
शाम को मेहर सागर की परिक्रमा में सुंदरसाथ भाव विभोर होकर झूमते दिखाई दिए। रात्रिकालीन मंच पर प्रोजेक्टर के माध्यम से धर्मवीर जागनी रतन जगदीश चंद्र जी के मुखारविंद से श्री मुखवाणी चर्चा जीवंत प्रसारण किया गया।
संचालन सुनील तनेजा ने किया। ट्रस्ट के अध्यक्ष महेंद्रपाल रसवंत, नरेंद्र ग्रोवर, मुकेश वर्मा, कुलदीप भगत, चरण सिंह शर्मा, डॉ. चतरसैन छाबड़ा, सुरेंद्र चौधरी उर्फ बब्बू, नवनीत अरोरा, गुलशन कुकरेजा का सहयोग रहा।