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प्रधानों को शपथ नहीं लेने का है मलाल

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प्रधानों को शपथ नहीं लेने का है मलाल
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मुजफ्फरनगर। जिलेभर में कोरम पूरा नहीं होने के कारण 103 ग्राम प्रधानों को सबके साथ शपथ नहीं लेने का मलाल है। कोरोना संकट में पंचायत चुनाव कराए गए। निर्वाचन अधिकारियों को नामांकन के दौरान गांवों में पूरे सदस्यों को निर्वाचित कराने की जिम्मेदारी निर्वाचन अधिकारियों की होनी चाहिए थी। सरकार की नीतियों के कारण जिन गांवों में नई सरकार नहीं बन पाई है, वहां के चुने प्रधान नैतिक कर्तव्य मानते हुए कोरोना से बचाव में सैनिटाइजर, कोविड टेस्ट और वैक्सीनेशन आदि कार्यों में सशक्त भूमिका निभा रहे हैं।
बघरा विकास खंड के अलीपुर कलां के नवनिर्वाचित प्रधान अरुण कुमार ने बताया कि 15 सदस्यों में से आठ चुने गए हैं। कोरम पूरा नहीं होने के कारण शपथ नहीं ले पाए। इसके बावजूद चार बार कोरोना के टेस्टिंग कराने को कैंप लगवाए। पूरा गांव सैनिटाइज करा दिया है। कहते हैं शासन के नियमों में शपथ नहीं होने के बावजूद किसी ग्रामीण का कोई कार्य नहीं रुकने देंगे।
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--गांव छिमाऊ चरथावल विकास खंड का आखरी गांव है। यहां से निर्वाचित प्रधान मुकेश बंजारा कहते हैं कि मंगलवार को उनके द्वारा शपथ नहीं लेने का मलाल है। गांव में सफाई कार्य और सैनिटाइज उन्होंने खुद कराया। शासन को सभी को एक साथ शपथ दिलानी चाहिए थी। भले ही बचे सदस्यों के चुनाव बाद में करा लिए जाते। 11 सदस्यों में पांच चुने गए हैं। कोरोना महामारी में पंचायत चुनाव हुए, संकट के बावजूद चुनाव लड़ा। फिर भी अधिकार नहीं मिलने का अहसास है।
शाहपुर ब्लॉक के गोयला के नवनिर्वाचित प्रधान धर्मपाल सिंह सरकार की नीतियों को गलत बताते हैं। चुनाव में नामांकन पर ही निर्वाचन आयोग को सभी सदस्यों के चुनाव कराने की अनिवार्यता होनी चाहिए थी। देश में जोखिम के समय के चुनाव हुए, इसके बावजूद उनके द्वारा शपथ नहीं ले पाए। ग्रामीणों की समस्याएं हल कराने के लिए उन्होंने कार्य शुरू कर दिया है। गांव में 15 में से छह सदस्यों का चुनाव नहीं हो पाया।
युवा प्रधान संजय उर्फ कपिल त्यागी पोस्ट ग्रेजुएट हैं। उनकी ताजपोशी महाबलीपुर गांव में हुई है। कहते हैं कुछ समय बाद शपथ हो जाएगी। परंतु सबके साथ बागडोर संभालते, तो अच्छा लगता। वह कोरोना काल में गांव में सैनिटाइज कराने और सफाई के कार्यों में जुट गए हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी उनकी सलाह के अनुसार कार्य करेंगे। जन हित में उनके सुझावों को सम्मान दिया जाएगा। कोई कार्य नहीं रुकेगा।
कई ग्राम प्रधान शपथ नहीं लेने से चिंतित
बुढ़ाना। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में निर्वाचित हुए विकास खंड बुढ़ाना के 60 ग्राम प्रधानों में से 15 ग्राम प्रधान शपथ लेने से वंचित रह गए। कोरम पूरा न होने के कारण वे शपथ नहीं ले सके। चुनाव जीतने के बाद भी 15 ग्राम प्रधान अपने-अपने गांव में विकास कार्य नहीं करवा सकेंगे। इस बात को लेकर नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान काफी चिंतित हैं।
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खंड विकास अधिकारी कपिल कुमार ने बताया कि उनके विकास खंड के गांव खिजरपुर, भैसाना,बवाना, खानपुर, डूंगर, सरनावली, फुगाना, राजपुर-छाजपुर, हरियाखेड़ा, कमरूद्दीननगर, मिड़काली, महलजना, कुतुबपुरदताना, अटाली व नगवा कोरम पूरा करने में विफल रही है। फुगाना गांव के प्रधान जितेंद्र मलिक, सरनावली गांव के प्रधान यशपाल फौजी, डूंगर गांव की महिला प्रधान रीटा मलिक व कमरूद्दीनगर की महिला प्रधान पति मोनू आदि ने कहा कि अभी तक कोरम पूरा करने के लिए चुनावी कार्यक्रम घोषित नहीं हुुआ है। चुनाव जीतने के बाद भी शपथ नहीं लेने का उन्हें मलाल है।
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