अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। शुकतीर्थ में शुरू हुए विकास कार्याें से उम्मीद की नई रोशनी होने लगी है। तीर्थ के क्षेत्र में जमीन के दाम दोगुने तक बढ़ गए हैं। गंगा एक्सप्रेसवे से तीर्थ को जोड़े जाने के एलान से जमीन की बिक्री पर रोक लग गई है। भागवतभूमि विकास के पैमाने पर लंबे समय तक हाशिए पर रही। पिछले साल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुकतीर्थ विकास परिषद का गठन किया तो उम्मीद की नई किरण जगी। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने काम शुरू कराए तो तीर्थ क्षेत्र में जमीनों के दाम में एकाएक अंतर आना शुरू हो गया। मोरना से शुकतीर्थ मार्ग पर पहले जहां जमीन पांच से सात लाख रुपये बीघा थी, अब दाम 20 लाख रुपये बीघा तक पहुंच गए। सड़क के आसपास के क्षेत्र में आबादी के निकट इससे कहीं अधिक दाम हैं।
यही नहीं जमीन की खरीद और बिक्री का काम रोक दिया गया। असल में गंगा एक्सप्रेसवे की घोषणा के बाद से जमीन के दाम और अधिक उछाल आना शुरू हो गया है।
शुक्रतीर्थ से भोकरहेड़ी क्षेत्र में दाम डेढ़ गुणा तक बढ़ गए हैं। यहां व्यवसाय के लिए भी लोग जमीन की तलाश कर रहे हैं। फिरोजपुर, इलाहाबास, शुक्रतारी, बिहारगढ़ और बहुपुरा में जमीन के दामों में उछाल आना शुरू हो गया है।