हिंडन नदी के मैली होने से लोगों के सेहत पर पड़ रहा है दुष्प्रभाव
बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। हिंडन नदी के स्वच्छ नहीं होने के कारण लोग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों का प्रदूषित पानी हिंडन नदी में गिरने से विकट समस्या उत्पन्न हो गई है। नदी किनारे खेतों में उगने वाली सभी फसलें जहरीली हो गई हैं। इन फसलों के खाने से हिंडन नदी किनारे बसे गांव के ग्रामीणों और उनके पशुुओं में बीमारी का खतरा बढ़ गया है। जनपद में दो निर्माणाधीन एसटी प्लांट से क्षेत्र के ग्रामीणों में आशा की किरण दिखाई दी है।
नदी किनारे बसे गांव सफीपुर, कस्बा बुढ़ाना, चंधेड़ी, उकावली व नसीपुर के ग्रामीणों को कहना है कि हिंडन नदी में प्रदूषण दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। पहले इस नदी से निकलने वाले रेत का प्रयोग शुभ माना जाता था। शुद्ध पानी में कस्बा व देहात के ग्रामीण नवरात्र के समय पूजनीय दुर्गा मां की प्रतिमा व सांझी को श्रद्धा के साथ प्रवाहित करते थे। आस्था की प्रतीक हिंडन प्रदूषित हो गई है।
सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से होगा जल शोधन
नगर पंचायत की चेयरपर्सन बाला त्यागी ने कहा कि कस्बे का गंदा पानी तीन नालों के द्वारा हिंडन नदी में जाता है। नमामि गंगे स्वच्छ गंगा मिशन कार्यक्रम के तहत कस्बे में वाटर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन है। इसका निर्माण होने के बाद कस्बे का सारा गंदा पानी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट से शुद्ध होकर हिंडन नदी में जाएगा।
नदी किनारे बने हैं मंदिर
भाजपा सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला संयोजक राजेश संगल का कहना है कि हिंडन नदी गंगा मैया की तरह पवित्रता की प्रतीक थी। क्षेत्र के गांव कपूरगढ़ का आनंद कुटी मंदिर तथा कस्बे का हरनंदेश्वर धाम मंदिर इसके किनारे पर बने हुए हैं। बागपत का पुरा महादेव मंदिर भी इसी के किनारे पर बसा हुआ है। ये मंदिर इसकी पवित्रता की पहचान है। आज नदी गंदे नाले में तब्दील हो गई है। यह चिंता का विषय है।
सभी फसलें हो रहीं जहरीली
गांव गोयला निवासी रालोद नेता प्रवीण बालियान का कहना है कि हिंडन नदी में करीब चार दशक से दूषित पानी आने के कारण जमीन की ऊपरी परत जहरीली हो गई है। हिंडन नदी पर बसे गांवों के ग्रामीणों की खेत में उगने वाली फसलें भी जहरीली हो गई हैं। पशुओं का हरा चारा जहरीला हो गया है। इसके किनारे रहने वाले ग्रामीणों में गंभीर बीमारी का खतरा पैदा हो गया है।
औद्योगिक इकाइयों के गंदे पानी पर लगे रोक
रालोद के क्षेत्रीय महासचिव बालकिशोर त्यागी का कहना है कि पवित्र नदी को औद्योगिक इकाइयों के गंदे पानी ने प्रदूषित किया है। औद्योगिक इकाइयों के गंदे पानी को हिंडन नदी में छोड़ने पर रोक लगनी चाहिए। औद्योगिक इकाइयों का गंदा पानी लोगों को बीमारियां परोस रहा है।
कस्बा बुढ़ाना में हिंडन नदी के किनारे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का शुभारंभ करते विधायक व मंत्री फाई?- फोटो : MUZAFFARNAGAR