मुजफ्फरनगर। डीएवी कॉलेज बुढ़ाना में हुए विवाद में पुलिस हर कदम पर फेल साबित हुई। प्राचार्य प्रदीप कुमार की ओर से लिखाा गया एक पत्र वायरल हुआ है। कोतवाली प्रभारी को लिखे गए पत्र में बताया गया है कि सुबह पौने 10 बजे ही घटनाक्रम की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद सीओ बुढ़ाना को जानकारी दी थी और थाने पहुंचकर लिखित सूचना दी। हालांकि पुलिस ने इस तरह का पत्र मिलने से इन्कार कर दिया है।
पुलिस की कार्यशैली सवालों के घेरे में है। छात्र ने वायर वीडियो में तीन पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यहां तक की आत्महत्या की स्थिति में प्राचार्य के साथ पुलिसकर्मियों को दोषी बताया गया। शनिवार शाम को वायरल पत्र दावा किया गया है कि एक व्यक्ति ने सुबह नौ बजकर 44 मिनट पर जानकारी दी थी कि छात्र आत्मदाह करेगा।
इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पत्र में यह भी दावा किया गया कि दो लोग छात्र को आत्महत्या के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अगर वह ऐसा करता है तो दोनों जिम्मेदार होंगे।
बुढ़ाना कोतवाली प्रभारी सुभाष अत्री का कहना है कि इस तरह का कोई पत्र प्राचार्य की ओर से नहीं दिया गया है। उन्हें सुबह किसी तरह की जानकारी नहीं थी।