मुजफ्फरनगर। भाकियू नेताओं और सुजडू के किसानों के साथ हुई अधिकारियों की बैठक में यमुना वाटर ट्रीटमेंट के लिए अधिग्रहीत की जमीन का कोई हल नहीं निकला।
मामला कोर्ट में चलने के कारण कोई आम सहमति नहीं बन सकी। उधर, भाकियू जिलाध्यक्ष ने कहा यदि किसानों के साथ न्याय नहीं हुआ तो आंदोलन होगा, भाकियू इस ट्रीटमेंट पर तालाबंदी कर देगी।
कृष्णा पुरी में स्थित यमुना वाटर ट्रीटमेंट के लिए सुजडू के किसानों की जमीन का ढाई दशक पहले अधिग्रहण किया था। उस समय जमीन का मुआवजा 37 रुपये प्रति मीटर दिया था। बाद में 20 रुपये प्रति बीघा के हिसाब से धनराशि वापस के कोर्ट से नोटिस भेजे थे।
इसे लेकर भाकियू ने विगत दिनों धरना प्रदर्शन किया था। डीएम के निर्देश पर शनिवार को एडीएम वित्त सुनील कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें एसएलओ, प्रदूषण विभाग और यमुना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी शामिल रहे। लेकिन मामला कोर्ट में विचाराधीन होने पर कोई निर्णय नहीं हो सका।
भाकियू के जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने इस जमीन से कुछ जमीन एटूजेड को बेचने पर हंगामा किया। उन्होंने इस जमीन को वापस लेने की मांग की।