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Muzaffarnagar News: लग्जरी गाड़ी चुराने वाले गिरोह का सरगना, साथी मुठभेड़ में घायल

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पुलिस ने दो तमंचे, 70 लाख कीमत की तीन लग्जरी गाड़ियां बरामद कीं
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर थाना पुलिस ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में लग्जरी गाड़ी चुराने वाले गिरोह के सरगना वाहिद सहित दो सदस्यों को बेगराजपुर में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
पैर में गोली लगने से दोनों घायल हुए हैं। उन्होंने चोरी की गाड़ियां एक बंद पॉलीवाल फैक्टरी में खड़ी की थीं, जिन्हें लेने आने के दौरान दोनों पकड़े गए। पुलिस से बचने के लिए गाड़ी में आगे पुलिस के दरोगा वाली कैप को रखा था। दो तमंचे व 70 लाख कीमत की तीन लग्जरी गाड़ी बरामद हुई हैं। पुलिस लाइन के यातायात पुलिस के सभागार में एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने बताया कि पुलिस ने मेरठ के थाना किठौर के गांव राधना निवासी वाहिद उर्फ डॉक्टर वाहिद जो वर्तमान में गढ़ मुक्तेश्वर बस अड्डे के पास रहता था। उसे व उसके साथी मेरठ के थाना जॉनी के गांव बहरामपुर निवासी आसिफ को गिरफ्तार किया है।
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दोनों लग्जरी कार चोर गिरोह चलाते हैं। वाहिद गिरोह का सरगना है। वह अपने साथियों के साथ गाड़ी चोरी करता है। हर बार चोरी करने जाते समय दूसरे साथी को लेकर जाता है। यह गिरोह दिल्ली व एनसीआर में वाहन चोरी करता है। कुछ दिन सुरक्षित स्थान पर खड़ी करने के बाद गाड़ी के इंजन व चेसिस नंबर बदलकर गाड़ियों को अन्य स्थानों से रजिस्टर्ड कराकर पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, राजस्थान में बेच देते हैं।
इनके गिरोह में मेरठ के कबाड़ी अज्जू व शोएब मलिक व अन्य लोग भी जुड़े हैं, जो इनसे 25 लाख वाली गाड़ी दो लाख में खरीदते हैं। चार-पांच माह पहले चुराई तीन लग्जरी करीब 70 लाख कीमत की गाड़ियां बंद फैक्टरी में खड़ी की थीं। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पूर्व में पकड़े वाहन चोरों की संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई कराई जा रही है। इस गिरोह पर भी गैंगस्टर की कार्रवाई होगी। प्रेस वार्ता में सीओ खतौली राम आशीष यादव व मंसूरपुर थाना प्रभारी सुभाष अत्री भी शामिल रहे।
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सात मिनट में चोरी कर लेते थे गाड़ी चोरी
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों के पास से गाड़ियों के अलावा एक पैड मिला है, जिसकी मदद से यह किसी भी लग्जरी गाड़ी का साॅफ्टवेयर हैक कर उसकी चाबी बना लेते हैं। इस काम में इन्हें पांच से सात मिनट लगता है। इसलिए वाहिद को उसकेे साथी गाड़ी चोरी करने का डॉक्टर कहते हैं।
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पुलिस से बचने का भी था इंतजाम
वाहिद व उसके साथी पुलिस से बचने के लिए चुराई गाड़ी में पुलिस के दरोगा की एक कैप रखते हैं। गिरफ्तारी के समय भी एक कैप मिली है। वाहिद डेढ़ साल पहले जेल से बाहर आया है। इसके बाद उसने डेढ़ दर्जन से अधिक गाड़ी चोरी कीं, उसके खिलाफ 39 व आसिफ के खिलाफ चार मुकदमे दर्ज हैं। सभी मुकदमे दिल्ली में दर्ज हैं।
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