संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। सात जून को बकरीद का त्योहार है। कुर्बानी के लिए शहर के कंपनी बाग और बकरा मार्केट पर बकरों का बाजार सज रहा है। सभी नस्ल के बकरे बाजार में आ रहे हैं। बकरों की कीमत 15 हजार से लेकर 60 हजार तक पहुंच गई है। बाजार में जमुनापारी, तोतापरी, देसी और बरबरिया नस्ल के बकरों की मांग है।
ईद उल अजहा (बकरीद) का त्योहार सात जून को मनाया जाएगा। मुस्लिम समुदाय के लोग बकरीद पर छोटे-बड़े पशुओं की कुर्बानी करते हैं। शहर के बकरा मार्केट और कंपनी बाग के बाहर बकरा मंडी लग गई है। बकरों की बिक्री को देखते हुए आवक भी काफी है।
देहात क्षेत्र से बिक्री के लिए लोग बकरों को लेकर आ रहे हैं। मंडी में अधिकतर खस्सी बकरों की मांग है। कुछ बोक बकरे भी बिक्री के लिए खड़े हैं। ग्राहकों की पसंद अलग-अलग नस्ल के बकरे बन रहे हैं, जिनमें जमुनापरी, तोता परी, देसी और बरबरिया नस्ल के बकरे अधिक हैं।
हालांकि बरबरिया नस्ल के बकरों की मांग अधिक है। इस नस्ल के बकरे की कीमत 15 हजार रुपये से लेकर 60 हजार तक है। जमुनापारी बकरे 55 हजार रुपये तक बिक रहे हैं। बसी गांव के प्रवेज ने बताया कि उसके पास दो बकरे जिनकी कीमत 50-50 हजार रुपये तक लग चुकी है, लेकिन वह एक बकरा 55 हजार से कम में नहीं बेचेगा। खरीदार सुल्तान निवासी अम्बा विहार ने कहा कि मंडी में बकरे भी काफी हैं। बावजूद दाम कम नहीं हो रहें।
कंपनी बाग के बाहर लगे बाजार में देसी नस्ल के बकरे भी 20-20 हजार से ऊपर में बिक रहे हैं। बकरा बेचने वाले नौमान ने बताया कि इस बार कम ग्राहक आ रहे हैं। दिन में 10 से 15 बकरे बिक रहे हैं।