मुजफ्फरनगर। पंचायत चुनाव के चौथे और अंतिम चरण में बुढ़ाना और शाहपुर ब्लाक में 65.3 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। मतदान के दौरान वोटों की रणनीति को लेकर दंगे का असर साफ दिखाई दिया।
अर्द्धसैनिक बलों की मौजूदगी में चुुनाव शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। दंगा प्रभावित क्षेत्र में झगड़े की आशंका को देखते हुए अधिकारी लगातार दौड़ते रहे। कई जगह बूथ कब्जाने की कोशिश हुई, लेकिन अधिकारियों ने सफल नहीं होने दी।
जिला पंचायत और बीडीसी के चौथे चरण में दंगा प्रभावित शाहपुर में 66.5 प्रतिशत मतदान रहा। मतदाताओं ने जिला पंचायत की नौ और बीडीसी के 230 पदों के लिए अपने वोट डाले। सोरम गांव में शांति पूर्ण मतदान के लिए अर्द्धसैनिक बल तैनात रहा।
डीएम निखिल चंद्र शुक्ला और एसएसपी केबी सिंह ने क्षेत्र के संवेदनशील गांवों का दौरा किया। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जोनल मजिस्ट्रेट को कड़े निर्देश दिए गए थे। दुल्हेरा में बूथ पर भीड़ जमा होने की सूचना पर पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ी।
डीएम और एसपी भी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ दुल्हेरा पहुंच गए। हालांकि प्रशासन की सख्ती के बाद यहां चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हुआ। कमालपुर गांव में फर्जी वोट डालने को लेकर दो युवकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सुबह मतदान धीमी गति से प्रारंभ हुआ।
दोपहर के बाद ग्रामीणों में मतदान को लेकर उत्सुकता दिखी। बुढ़ाना ब्लाक में 64.5 प्रतिशत मतदान हुआ। जिला पंचायत के पांच वार्डों पर यहां मतदाताओं ने अपनी पसंद के प्रत्याशियों को वोट किया।
सपा और भाजपा प्रत्याशियों में सीधी टक्कर नजर आई। ब्लाक के संवेदनशील गांवों में पुलिस फोर्स की सख्ती रही। चुनाव प्रेक्षक एवं प्रमुख सचिव नियोजन राजप्रताप सिंह ने बुढ़ाना और शाहपुर के कई गांवों का निरीक्षण किया। मतदान केंद्रों पर निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदान करने की हिदायत दी।
सहारनपुर मंडलायुक्त एमपी अग्रवाल और डीआईजी एके राघव ने भी कई बूथों का दौरा किया। भौराकलां गांव भौराखुर्द में दो एजेंट के बीच हुए झगड़े के बाद एक युवक हरवीर को हिरासत में लिया गया। कई जगह पुलिस को भीड़ को भगाने के लिए लाठियां फटकारनी पड़ी।