बजट पर टिकी व्यापारियों की निगाहें
मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश के वरिष्ठ प्रचार मंत्री अनिल कंसल ने कहा कि कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान देशभर में आवश्यक सामानों की आपूर्ति को बनाए रखने में देश के व्यापारियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। संसद में प्रस्तुत होने वाले केंद्रीय बजट पर व्यापारियों की उम्मीदें टिकी हैं।
झांसी की रानी मार्केट में हुई बैठक में अनिल कंसल ने कहा कि सरकार अपनी आय के स्त्रोत बढ़ाने के लिए संभवत : कुछ कर लगाने की घोषणा कर सकती है, लेकिन सरकार को 60 साल से ऊपर के व्यापारियों का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। प्रदेश संगठन मंत्री हर्षवर्धन जैन ने बताया कि वीडीएस स्कीम के तहत घोषित करने वालों से कोई पूछताछ न होने का आश्वासन भी दिया जाना आवश्यक है। प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित गर्ग ने कहा कि इस तरह की नीति हो, जिससे कथित रूप से छिपे हुए कारोबार को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। व्यापारी वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं और उन्हें उम्मीद है की बजट में व्यापारियों को बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों से कम ब्याज पर तथा आसान शर्तों पर कारोबार के लिए धन मिले। प्रदेश महामंत्री युवा जयवीर सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री राधेश्याम विश्वकर्मा ने कहा की जीएसटी कर प्रणाली जो बेहद जटिल हो गई है, उसके सरलीकरण की नीति भी बजट में घोषित हो। राकेश अग्रवाल, विपुल भटनागर, जितेंद्र कुच्छल, नरेंद्र मित्तल, सुमित गर्ग, कमल किशोर गोयल,प्रमोद गोयल, शिवम सिंघल, नई मंडी अध्यक्ष प्रवीण जैन, विमल गुप्ता, अजय गर्ग, मुकेश गुप्ता आदि ने विचार रखे।