मुजफ्फरगनर, जानसठ। गांव गढ़ी देहात के नाले का क्षतिग्रस्त पुल खतरा बन रहा है। पुल का निर्माण 30 वर्ष पूर्व हुआ था। फिलहाल यह पुल दोनों ओर से काफी लंबे समय से क्षतिग्रस्त हो गया है।
आवागमन में लोगों को प्रतिदिन काफी परेशानी हो रही है। बड़े वाहनों को पुल पार करने में काफी परेशानी होती ही है, वहीं दुपहिया वाहनों के संचालन में भी खतरा है। पुल से रात के समय गुजरना खतरनाक है। यह पुल गांव गढ़ी देहात के अलावा गांव खलवाड़ा, मेहलकी, राजपुर तिलोरा, राजपुर कलां, नयागांव फैजाबाद, चुड़ियाला, तिसंग आदि दर्जनभर गावों को जोड़ता है। इन गांवों के ग्रामीणों को पुल के ऊपर से आवागमन में काफी परेशानी हो रही है।
- पुल पर रहती है जान जोखिम में
1- जोगेंद्र पहलवान का कहना है कि क्षतिग्रस्त पुल के ऊपर से ट्रैक्टर-ट्रॉली को निकालना भी मुश्किल हो जाता है। क्षतिग्रस्त पुल से ट्रैक्टर के गिरने का खतरा बना रहता है। जान जोखिम में डालकर ट्रैक्टर-ट्रॉली को पुल के ऊपर से लेकर आते-जाते हैं।
- नाले में गिरने का खतरा
2- राजकुमार चौधरी का कहना है कि रात्रि के समय में बाइक से गढ़ी देहात के नाले के क्षतिग्रस्त पुल के ऊपर से गुजरने के लिए पहले बाइक को बंद करते हैं। इसके बाद ही आराम से पुल को पार करना पड़ता है। अन्यथा नाले में गिरने का खतरा बना रहता है।
- अब तक कई लोग हुए घायल
3-आजाद हुसैन का कहना है कि इस क्षतिग्रस्त पुल के ऊपर से तेज गति से बाइक, साइकिल और ई-रिक्शा वाहनों को नहीं निकाल सकते हैं। तेज गति से वाहनों को निकालने के चक्कर में कई लोग नाले में गिरकर घायल भी हो चुके हैं।
- कई बार कर चुके शिकायत
4- राम सिंह का कहना है कि यह पुल पिछले कई सालों से क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है। क्षेत्र के लोगों ने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत करके पुल का निर्माण कराने की मांग भी की, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।