शातिर बदमाश ने हर थाने में बदला अपना नाम
खतौली। पुलिस मुठभेड़ में दबोचा गया बदमाश विजय उर्फ वीरा बेहद शातिर है। वह कई जनपदों में आपराधिक मामलों में गिरफ्तार हुआ, लेकिन हर थाने में अपना नाम बदलता रहा। पिता का नाम और पता भी गलत ही बताता रहा। इस कारण कोर्ट से जारी होने वाले वारंट भी तामील नहीं हो पाते थे।
सोमवार रात खतौली कोतवाली पुलिस ने गांव याहियापुर मार्ग पर मुठभेड़ में विजय उर्फ वीरा निवासी गांव जटमुंझेड़ा थाना नई मंडी, मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार किया। उसके पैर में गोली लगी। मंगलवार को कोर्ट में पेश करके पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
कोतवाल संतोष कुमार त्यागी ने बताया कि बदमाश वीरा उर्फ विजय बेहद शातिर है। उसके खिलाफ गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर और हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर थाने में आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, लूट, डकैती, चोरी आदि के 18 आपराधिक मामले हैं। खास बात यह है कि आरोपी विजय ने हर बार गिरफ्तारी के समय अपना नाम अलग ही बताया। कहीं पर वह अपना नाम वीरा पुत्र मकबूल बताता था, तो कहीं विजय पुत्र लड्डन और रवि पुत्र विनोद। घर का पता भी कभी मुजफ्फरनगर शहर के किसी मोहल्ले का बताता था, तो कभी गाजियाबाद का। कोतवाल ने बताया कि विजय उर्फ वीरा के खिलाफ कोर्ट से वारंट भी जारी हुए, लेकिन वह कोर्ट में पेश नहीं होता था। क्योंकि उसके खिलाफ जारी वारंट सही पता न होने की वजह से तामील ही नहीं हो पाते थे।