धरना प्रदर्शन में विचार रखती महिलाएं
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देवबंद (सहारनपुर)। सीएए, एनपीआर और प्रस्तावित एनआरसी को लेकर महिलाओं का सत्याग्रह 23वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान महिलाओं ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण देश महंगाई के दौर से गुजर रहा है। पढ़ा लिखा युवा वर्ग रोजगार की तलाश में भटक रहा है और अन्नदाता किसानों की आर्थिक स्थिति खराब है। इसलिए सरकार को काले कानून को वापस लेकर समस्याओं के समाधान के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।
मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी के बैनर तले ईदगाह मैदान में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में आंदोलनकारी अशरा उस्मानी ने कहा कि केंद्र सरकार हठधर्मी छोड़कर सीएए को वापस ले और देश की अर्थ व्यवस्था को सही करने की दिशा में कदम उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र में भाजपा सरकार जब से बनी है तभी से गलत फैसले लिए जा रहे हैं। जिसका देश की जनता लगातार विरोध कर रही है, लेकिन सरकार अपनी हठधर्मी पर अड़ी हुई है। हलीमा खातून ने कहा कि देश आर्थिक मंदी से जूझ रहा है और सरकार उपलब्धियां गिनवा कर अपनी पीठ थपथपा रही है। यासमीन, जेबा नाज और शुमायला ने संयुक्त रुप से कहा कि सीएए की वापसी तक महिलाओं का धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। यदि सरकार गलत फैसले वापस ले ले तो देश की अर्थ व्यवस्था भी सुधर जाएगी, लेकिन सरकार ने ठान लिया है कि उसे देश की जनता की आवाज नहीं सुननी बल्कि अपनी हठधर्मी पर अड़े रहना है।
सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन करती महिलाएं- फोटो : DEVBAND