शाहपुर। क्षेत्र के गांव बरवाला निवासी सीआईएसएफ के जवान अरविंद की बिहार के औरंगाबाद में साथी जवान द्वारा दो दिन पूर्व गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद उनका पार्थिव शरीर गांव बरवाला में शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे पहुंचा। रातभर शव का इंतजार कर रहे परिजनों और ग्रामीणों के साथ भारी भीड़ ने सुबह छह बजे गांव के शमशान घाट में अंतिम संस्कार किया। गाजियाबाद से आई सीआईएसएफ की गारद ने गार्ड आफ ऑनर दिया।
शाहपुर के गांव बरवाला निवासी 40 वर्षीय अरविंद पुत्र संसार सिंह की दो दिन पूर्व बृहस्पतिवार को बिहार के औरंगाबाद में ड्यूटी के दौरान साथी जवान ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। तीन वर्ष झांसी से स्थानांतरण होकर बिहार के औरंगाबाद जनपद के नवी नगर में बन रही एनएसपीजी विद्युत परियोजना पर तैनात था।
बृहस्पतिवार को हुई घटना के बाद अरविंद का शव शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। कुछ देर घर में शव को रोकने के बाद सुबह छह बजे उसका अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के इकलौते पुत्र विराट ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी।
गाजियाबाद से सीआईएसएफ यूनिट के एएसआई बिजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में आए सात जवानों ने अरविंद को गार्ड आफ ऑनर दिया। अंतिम संस्कार में आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। मृतक अरविंद लगभग 24 वर्ष पूर्व सीआईएसएफ में भर्ती हुआ था। 10 दिन पूर्व ही वह अपनी छुट्टी काटकर गया था।
अरविंद का इकलौता पुत्र विराट मेरठ में बीटेक कर रहा है, जबकि पत्नी उसके साथ औरंगाबाद में ही थी। दिल्ली से शव को ट्रक में लाने पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए। विभाग की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। इस हालात पर रोष जताया।
बेसुध हो गई पत्नी और मां परिजनों ने संभाला
शाहपुर। बरवाला में सुबह सवेरे के अंधेरे में जैसे ही अरविंद का शव गांव पहुंचा तो मां बीरमती और साथ आई पत्नी संजो बेसुध हो गई। बड़ी मुश्किल से परिजनों ने उन्हें संभाला। भाई प्रवेंद्र, संदीप और प्रदीप पुत्र विराट भी अपने पिता की मौत पर दहाड़ मार-मार कर रोने लगे। मां बीरमती भी अपने बेटे की मौत का सदमा सह नहीं पा रही है। वह रो-रो कर बेटे को याद कर रही है।
पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद होगी ःकेंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने बताया कि बरवाला के जवान की मौत के बाद शव को लाने के लिए वे लगातार अधिकारियों के संपर्क में थे। पहले शव को वाया सड़क मार्ग भेजे की तैयारी थी, लेकिन कहकर एयर प्लेन से शव भिजवाने की व्यवस्था कराई गई। घटना की उच्चस्तरीय जांच के साथ मृतक जवान के परिवार को हरसंभव सहयोग कराया जाएगा। उन्होंने जवान के निधन पर परिवार के प्रति सांत्वना प्रकट की।
संस्कार में नहीं पहुंचा कोई अफसर
शाहपुर। मृतक जवान के अंतिम संस्कार में प्रशासन की ओर से किसी के नहीं आने और औरंगाबाद में हुई वीभत्स घटना पर ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए बताया कि शासन-प्रशासन के लोग जवान की मौत पर अपना शोक व्यक्त करने नहीं आने पर ग्रामीणों में रोष बना हुआ है। अंतिम संस्कार के समय भी कोई स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस के कोई भी प्रतिनिधि नहीं आया।