सर्दियों में रखें अपने दिल का खास ध्यान
मुजफ्फरनगर। सर्द मौसम में दिल की बीमारियां खासकर दिल के दौरे के नए मामले 40 प्रतिशत तक बढ़ जाते हैं। दिल और सांस की बीमारियों से प्रभावित मरीजों के लिए भी सर्दी का गिरता तापमान अक्सर दोबारा परेशानी खड़ी कर देता है। दिल के मरीजों को सर्दियों में विशेष देखभाल की आवश्यकता है।
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सत्यम राजवंशी का कहना है कि सर्दी के मौसम में दिल की बीमारियां दो कारणों से बढ़ती हैं। पहला गिरते तापमान और ठंडी हवा के संपर्क में आने से दिल, दिमाग और सारे शरीर की धमनियां (नसें) सिकुड़ जाती हैं। ठंडी हवा तथा वायरल इंफेक्शन से सांस की नली में भी सूजन आती है। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ता है, खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम होती है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। सिकुड़ी हुई नसों में खून गाढ़ा होकर जमने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे दिल या दिमाग का दौरा पड़ सकता है।
दूसरा कारण दिनचर्या, खानपान, और वातावरण से जुड़ा है। सर्दी में आलस्य के कारण व्यायाम, सैर कम हो जाना, अधिक नमकीन, चटपटा और घी चिकनाईयुक्त खाना, अधिक धूम्रपान व शराब का सेवन, ब्लड प्रेशर बढ़ाता है और खून को गाढ़ा करता है। सर्द मौसम में प्रदूषण और धुआं भी ज्यादा होता है जिससे सांस की परेशानी बढ़कर दिल को प्रभावित करती है।
बचाव के लिए क्या करें
सुबह की सैर, व्यायाम बंद ना करें। हल्की सर्दी में हाथों, पैरों, सिर, गले, छाती को पूरा ढककर सैर की जा सकती है। ज्यादा सर्दी, कोहरे, स्मॉग (प्रदूषण) के दिनों में बाहरी व्यायाम ना करें और शरीर को ऊनी कपड़ों से गर्म रखें। घर के भीतर ही शरीर को सक्रिय बनाएं, हल्का हाथों व पैरों का व्यायाम, योग, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार करें।
संतुलित आहार लें चाय, कॉफी, मावा, मिठाइयां, घी चिकनाईयुक्त भोजन का बहुत सीमित मात्रा में प्रयोग करें। ज्यादा नमक का सेवन ना करें। प्रतिदिन ताजे फल और हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें। भीगे हुए बादाम, अखरोट का सेवन लाभदायक है। जितना संभव हो ज्यादा मात्रा में गर्म पानी का सेवन करें।