मुजफ्फरनगर के मीरापुर में दस माह की बच्ची शबनूर को बुरी नजर से बचाने के लिए पहनाया गया ताबीज ही उसकी मौत की वजह बन गया। मौत का कारण बन गया। बच्ची चारपाई से नीचे गिर गई, इस दौरान गले में पड़ा ताबीज चारपाई के पाये में फंस गया और दम घुटने से बच्ची की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे से परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा। मासूम बच्ची को गमगीन माहौल में सुपुर्द ए- खाक कर दिया गया।
गांव बलीपुरा निवासी पप्पू पुत्र बाबू कपडे़ की फेरी लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण करता है। इसी काम के सिलसिले में पप्पू हरियाणा क्षेत्र में गया था। उसकी पत्नी अपनी दस माह की बच्ची शबनूर को मकान की छत पर पड़ी चारपाई पर लेटाकर किसी कार्य से नीचे आ गई। कामकाज पूरा करने के बाद वह बच्ची को देखने के लिए फिर छत पर पहुंची। बच्ची चारपाई से नीचे लटकी थी और उसके गले में पड़ा ताबीज चारपाई के एक पाये उलझकर फंदा बनकर उसक ा दम घोट गया। बच्ची को मरा देख महिला ने शोर मचाया। इस पर परिवार के अन्य सदस्य भी पहुंच गए।
परिवार के सदस्य बच्ची को डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर ने बच्ची का चेकअप कर उसे मृत घोषित कर दिया। बची की मौत से उसकी मां सदमे में आ गई। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बलीपुरा में बच्ची के शव को गांव के ही कब्रिस्तान में दफना दिया गया। घटना के संबंध में थाने में कोई सूचना नहीं दी गई। बच्ची के दादा शाहबुद्दीन ने कहा कि इस मनहूस दिन देखने को क्यों विवश होना पड़ा। आखिर मेरी बच्ची को किसकी नजर लग गई।