तीन गांवों में मनरेगा के कार्यों का निरीक्षण
मुजफ्फरनगर। सीडीओ अंकित अग्रवाल ने शनिवार को जिले के तीन गांवों में मनरेगा के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। निर्माण कार्यों में मानकों और पारदर्शिता बरते जाने पर जोर दिया। गांव सीमली, बिजोपुरा और उमरपुर लिसौड़ा में मजदूरों से उनकी समस्याएं भी पूछी। बिजोपुरा के पंचायत सचिव का वेतन रोकने के आदेश। लिसौड़ा उमरपुर में प्रयोग में नहीं मिले शौचालय।
सीडीओ ने सदर तहसील के गांव बिजोपुरा पहुंचकर सिल्ट सफाई का कार्य देखा। स्थलीय निरीक्षण के समय मौके पर आठ मजदूर काम कर रहे थे। उपस्थिति का सत्यापन किया गया। कृष्णपाल, मनोज, शिवराम, वेदराम, संदीप एवं राम किशन और दो महिला मजदूर उपस्थित मिलीं। मस्टर रोल से मिलान करने पर सही पाया गया। मजदूरों ने बताया कि उनकी निर्धारित मजदूरी 175 रुपये मिल रही है। सिल्ट सफाई कार्य संबंधी कोई बोर्ड लगा हुआ नहीं पाया गया। इसके अतिरिक्त मनरेगा योजनांतर्गत कराए जाने वाले कार्यों के रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं पाए गए। ग्राम प्रधान को इन रजिस्टरों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी भी उपस्थित नहीं पाए गए। खंड विकास अधिकारी सदर को निर्देश दिए गए कि मनरेगा रजिस्टर प्रत्येक ग्राम पंचायत में उपलब्ध होने चाहिए। बीडीओ ने सचिव के वेतन पर रोक लगा दी है। ग्राम सीमली में तालाब खुदाई कार्य देखा गया। तालाब के लिए यहां 2,64600 रुपये की राशि स्वीकृत है, इसके सापेक्ष 17,950 रुपये व्यय करते हुए एक हजार मानव दिवस सृजित किए गए हैं। तालाब में गंदगी पाई गई। गोबर एवं कूड़े के ढेर लगे थे तथा कुछ लोगों द्वारा अनाधिकृत रूप से तालाब की जमीन पर कब्जा किए जाने का मामला भी सामने आया है। तालाब को कब्जामुक्त कराने और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के आदेश दिए गए। ग्राम सीमली में शमशान घाट शेड के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया गया। निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं पाया गया। खेतों के बीच से होकर शमशान घाट पर जाना बहुत कठिन है। रंगाई-पुताई भी खराब स्तर की पाई गई। सीडीओ ने खतौली ब्लाक के ग्राम उमरपुर लिसौड़ा के शौचालयों का निरीक्षण किया। श्रीपाल, जयप्रकाश, निजामु का शौचालय प्रयोग में नहीं लाया जाना पाया गया। इसके अतिरिक्त प्रेम सिंह और अनिल ने सरकार द्वारा बनाया गया शौचालय तोड़ दिया है। इसके अतिरिक्त ग्रामवासियों की बैठक प्राईमरी पाठशाला में आयोजित की गई, जिसमें विकास कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। उपस्थित ग्रामवासियों ने सड़क निर्माण की मांग की।