- स्मृति यज्ञ में गुरुकुल कांगड़ी संस्थापक को दी श्रद्धांजलि
- आर्य समाज नई मंडी में सुनाये गए प्रेरक प्रसंग
मुजफ्फरनगर। महान स्वतंत्रता सेनानी, आर्य सन्यासी और गुरुकुल कांगड़ी हरिद्वार के संस्थापक स्वामी श्रद्धानन्द के बलिदान दिवस पर स्मृति यज्ञ में अमर हुतात्मा का भावपूर्ण स्मरण किया। वक्ताओं ने कहा कि स्वामी जी ने हिंदुओं की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति दी थी।
वैदिक संस्कार चेतना केंद्र संतोष विहार में आचार्य गुरुदत्त आर्य के सानिध्य में स्मृति यज्ञ किया गया। यज्ञ ब्रह्म नीरज शास्त्री ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद देश के अग्रणी राष्ट्रभक्त सन्यासी थे। आजादी आंदोलन में उन्होंने अतुल्य संघर्ष किया और जेल गए। धर्मांतरण के विरुद्ध देश में शुद्धि आंदोलन चलाया और लाखों हिंदुओं की घर वापसी कराई थी। आर्य समाज आनन्दपुरी के पूर्व प्रधान जनेश्वर प्रसाद आर्य ने कहा कि स्वामी जी ने वैदिक शिक्षा प्रणाली को प्रेरित किया। साथ ही देश में महर्षि दयानंद सरस्वती के कार्यों को आगे बढ़ाया।
नई मंडी आर्य समाज मंदिर में यज्ञ आयोजित कर स्वामी श्रद्धानंद एवं पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वैदिक प्रचारक आरपी शर्मा ने स्वामी श्रद्धानंद के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग सुनाये। आनंद पाल सिंह आर्य, मंगत सिंह आर्य, ईश्वर सिंह, यशपाल सिंह, कृपा शंकर शर्मा आदि मौजद रहे। यज्ञ ब्रह्म डॉ. सतीश कुमार रहे।