दिव्य संत थे स्वामी कल्याणदेव
मुजफ्फरनगर। पद्मभूषण, शिक्षा ऋषि वीतराग स्वामी कल्याणदेव की 17 वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और भक्ति से मनाई गई। शहर में विश्वकर्मा चौक पर वेद मंत्रोच्चार से स्मृति यज्ञ किया गया। यज्ञ ब्रह्म विनीत आर्य तथा यज्ञमान संदीप एवं नीलम धीमान रहे। उत्तर प्रदेश विश्वकर्मा विकास महासभा के पदाधिकारियों ने आहुति दी।
संस्था के अध्यक्ष डॉ. नरेश विश्वकर्मा ने कहा कि स्वामी कल्याणदेव त्याग, सादगी, सेवा की प्रतिमूर्ति थे। महर्षि दयानंद पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल धीमान ने कहा कि शिक्षा ऋषि ने गांव, गरीब, किसान और मजदूर को पढ़ाने का संकल्प पूरा किया। वे अलौकिक संत थे। निशांत धीमान, ओजस्वी विश्वकर्मा, कार्तिक , विक्रांत, विक्की, अरुण देव, विकास, प्रदीप आदि मौजूद रहे। उधर, गांधी पॉलिटेक्निक में संस्थापक वीतराग स्वामी कल्याणदेव की प्रतिमा पर श्रद्धालुओं ने माल्यार्पण कर उनका नमन किया। यज्ञ के बाद प्राचार्य कुलदीप शर्मा, दिनेश शर्मा, अमित गंगवार, राजेश सैनी, मनोज गर्ग आदि ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। आंदोलनकारी मास्टर विजय सिंह ने शुकतीर्थ पहुंचकर संत के समाधि मंदिर में श्रद्धासुमन अर्पित किए।